यूपी के बरेली में एक पत्नी ने अपनी बेटी के साथ मिलकर अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। शराब के नशे में पति ने पत्नी पर हमला कर दिया था। उसे बेरहमी से पीट रहा था। जब पत्नी को लगा कि आज उसका पति उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा तो उसने अपने बचाओ के लिए पास पड़ी लोहे की फुकनी से हमला कर दिया। वही अपनी मां को बचाने आई बेटी ने भी पिता पर डंडे से हमला कर दिया। जिससे पति की मौत हो गई। अब मां बेटी जेल में है। नशे की लत और बरसों का विवाद
मृतक बालकराम पेशे से बेलदार था और अपनी पत्नी रेखा व बच्चों के साथ छोटी बिहार में रहता था। परिजनों और आसपास के लोगों के मुताबिक, बालकराम को शराब की गंभीर लत थी। वह अक्सर शराब के नशे में घर आता और अपनी पत्नी व बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। रेखा ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी को करीब 25 साल हो चुके थे, लेकिन इन सालों में शायद ही कोई दिन ऐसा बीता हो जब घर में शांति रही हो। बालकराम न केवल घर में क्लेश करता था, बल्कि शराब के पैसों के लिए घर का सामान तक बेच देता था और मोहल्ले वालों से भी झगड़ा करता था। उस दोपहर क्या हुआ: चश्मदीद और आरोपियों का बयान
घटना वाले दिन, यानी 22 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 3:00 बजे बालकराम भारी नशे की हालत में घर पहुँचा। उस समय उसकी पत्नी रेखा और बेटी पिंकी छत पर बैठी थीं। बालकराम गाली-गलौज करता हुआ छत पर पहुँच गया। विवाद बढ़ता देख माँ-बेटी नीचे आ गईं, लेकिन नशे में धुत बालकराम लड़खड़ाते हुए उनके पीछे नीचे आ गया और हाथापाई शुरू कर दी।
रेखा का आरोप है कि बालकराम ने उसे दबोच लिया था और उसकी जान लेने पर आमादा था। इसी आपाधापी और गुस्से में रेखा ने पास पड़ा लकड़ी का डंडा उठाकर बालकराम के सिर पर दे मारा। वहीं मौजूद बेटी पिंकी ने भी अपनी माँ को बचाने के लिए पास रखी लोहे की फुकनी से पिता पर वार कर दिए। चोटें इतनी गंभीर थीं कि बालकराम फर्श पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम की चौंकाने वाली रिपोर्ट
घटना की सूचना मिलते ही इज्जतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस को बालकराम का शव खून से लथपथ हालत में मिला। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हमले की भयावहता को साफ कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, बालकराम के शरीर पर सिर से लेकर पैर तक कुल 18 चोटों के निशान पाए गए। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का डंडा और लोहे की फुकनी (पाइप) बरामद कर ली है। बिखर गया परिवार: चार मासूमों के सिर से उठा माँ का साया
इस घटना ने एक पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। मृतक बालकराम के पांच बच्चे हैं- दो लड़के और तीन लड़कियां। इनमें से बड़ी बेटी पिंकी, जो इस मामले में आरोपी है, खुद शादीशुदा है और उसके चार छोटे बच्चे हैं। पिंकी का सबसे छोटा बेटा महज 5 महीने का है। पिंकी की गिरफ्तारी के बाद इन मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ गया है। परिवार के अन्य सदस्यों में 30 वर्षीय शादीशुदा बेटा अजय, 20 वर्षीय शादीशुदा बेटी शिवानी, 15 वर्षीय चांदनी और 12 वर्षीय विकास अब एक गहरे सदमे में हैं। पिता की मृत्यु हो चुकी है और माँ व बहन सलाखों के पीछे हैं। पुलिस टीम की मुस्तैदी और गिरफ्तारी
मुखबिर की सूचना पर आज दोपहर करीब 1 बजे पुलिस ने दोनों आरोपियों, रेखा और पिंकी को छोटी बिहार स्थित अंबेडकर पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह के साथ उप-निरीक्षक मोहित कुमार, हेड कांस्टेबल मुकेश चौहान और महिला कांस्टेबल निशु तिवारी व रेखा शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।


