समस्तीपुर के सरारंजन थाना क्षेत्र में डिलेवरी के दौरान एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि एक नर्सिंग होम संचालक ने मृत महिला और उसके परिजनों को इलाज के नाम पर करीब 10 घंटे तक पटना में भटकाया। परिजनों के अनुसार, सरारंजन निवासी बॉबी कुमार की 22 साल की पत्नी सपना कुमारी को प्रसव पीड़ा हुई थी। उन्हें सरारंजन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने खून की कमी बता कर उन्हें रेफर कर दिया। परिजनों से मोटी रकम की मांग अस्पताल के बाहर बैठे विनोद कुमार नाम के एक व्यक्ति ने परिजनों को फुसलाकर अपने नर्सिंग होम में भर्ती करा लिया। नर्सिंग होम में खून की कमी का हवाला देकर परिजनों से मोटी रकम जमा कराई गई। बुधवार और गुरुवार की मध्य रात्रि करीब 12 बजे नर्सिंग होम संचालक ने परिजनों को बताया कि बच्चे की मौत हो गई है। मृत नवजात बच्चे को एक कार्टून में पैक कर परिजनों को सौंप दिया गया। संचालक ने सपना कुमारी को इलाज के लिए समस्तीपुर के अन्य नर्सिंग होम में ले जाने की बात कही, लेकिन किसी ने उन्हें भर्ती नहीं किया। आरोप है कि इसके बाद नर्सिंग होम संचालक सपना कुमारी और उनके परिजनों को इलाज के नाम पर पटना ले गया, जहां उन्हें करीब 10 घंटे तक भटकाया गया, जबकि सपना कुमारी की पहले ही मौत हो चुकी थी। गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा नवजात बच्चे के शव को लेकर परिजन सपना को खोजने नर्सिंग होम पहुंचे, तो नर्सिंग होम संचालक ने बताया कि इलाज के लिए उसे समस्तीपुर ले जाया गया है। परिजन जब समस्तीपुर खोजने के लिए पहुंचे तो किसी नर्सिंग होम में सपना का पता नहीं चला। परिजन आक्रोशित होकर नर्सिंग होम में हंगामा करने लगे। उसके बाद नर्सिंग होम संचालक पटना इलाज करने की बात का कर नर्सिंग होम छोड़कर फरार हो गया । घटना की सूचना सरा रंजन थाने की पुलिस को दी गई। सरारंजन थाना अध्यक्ष धनंजय कुमार ने जब नर्सिंग होम संचालक पर दबिश बढ़ाया तब नर्सिंग होम संचालक तकरीबन 10 घंटे के बाद मृत सपना के शव और दोनों महिला को सदर अस्पताल पहुंचा कर फरार हो गया। सरारंजन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची मृत सपना कुमारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करने की तैयारी में जुटे। आधे घंटे के बाद परिजन सदर अस्पताल पहुंचे और सपना के शव को देखकर लापरवाह नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करने लगे। समस्तीपुर के सरारंजन थाना क्षेत्र में डिलेवरी के दौरान एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि एक नर्सिंग होम संचालक ने मृत महिला और उसके परिजनों को इलाज के नाम पर करीब 10 घंटे तक पटना में भटकाया। परिजनों के अनुसार, सरारंजन निवासी बॉबी कुमार की 22 साल की पत्नी सपना कुमारी को प्रसव पीड़ा हुई थी। उन्हें सरारंजन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने खून की कमी बता कर उन्हें रेफर कर दिया। परिजनों से मोटी रकम की मांग अस्पताल के बाहर बैठे विनोद कुमार नाम के एक व्यक्ति ने परिजनों को फुसलाकर अपने नर्सिंग होम में भर्ती करा लिया। नर्सिंग होम में खून की कमी का हवाला देकर परिजनों से मोटी रकम जमा कराई गई। बुधवार और गुरुवार की मध्य रात्रि करीब 12 बजे नर्सिंग होम संचालक ने परिजनों को बताया कि बच्चे की मौत हो गई है। मृत नवजात बच्चे को एक कार्टून में पैक कर परिजनों को सौंप दिया गया। संचालक ने सपना कुमारी को इलाज के लिए समस्तीपुर के अन्य नर्सिंग होम में ले जाने की बात कही, लेकिन किसी ने उन्हें भर्ती नहीं किया। आरोप है कि इसके बाद नर्सिंग होम संचालक सपना कुमारी और उनके परिजनों को इलाज के नाम पर पटना ले गया, जहां उन्हें करीब 10 घंटे तक भटकाया गया, जबकि सपना कुमारी की पहले ही मौत हो चुकी थी। गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा नवजात बच्चे के शव को लेकर परिजन सपना को खोजने नर्सिंग होम पहुंचे, तो नर्सिंग होम संचालक ने बताया कि इलाज के लिए उसे समस्तीपुर ले जाया गया है। परिजन जब समस्तीपुर खोजने के लिए पहुंचे तो किसी नर्सिंग होम में सपना का पता नहीं चला। परिजन आक्रोशित होकर नर्सिंग होम में हंगामा करने लगे। उसके बाद नर्सिंग होम संचालक पटना इलाज करने की बात का कर नर्सिंग होम छोड़कर फरार हो गया । घटना की सूचना सरा रंजन थाने की पुलिस को दी गई। सरारंजन थाना अध्यक्ष धनंजय कुमार ने जब नर्सिंग होम संचालक पर दबिश बढ़ाया तब नर्सिंग होम संचालक तकरीबन 10 घंटे के बाद मृत सपना के शव और दोनों महिला को सदर अस्पताल पहुंचा कर फरार हो गया। सरारंजन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची मृत सपना कुमारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करने की तैयारी में जुटे। आधे घंटे के बाद परिजन सदर अस्पताल पहुंचे और सपना के शव को देखकर लापरवाह नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करने लगे।


