UP Crime सहारा अस्पताल में उपचार के लिए आई प्रसूता की समय से पहले ही डिलीवरी कराने वालो आरोपी दिलशाद और रीना को पुलिस ने घटना के एक साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। महिला के पति ने आरोप लगाए थे कि उसकी पत्नी का समय पूर्व जबरन प्रसव कराया गया। मालूम होने के बाद भी डॉक्टरों ने समय से पहले प्रसव किया जिसकी वजह से जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया था। अब इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानते हुए भी कराया समय से पहले प्रसव
पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि उसने अपनी पत्नी को 18 दिसंबर 2025 को कांधला स्थित सहारा अस्पताल में भर्ती कराया था। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के मुताबिक 16 फरवरी को प्रसव की अनुमानित तारीख थी लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने उनकी पत्नी का समय से पहले ही पर प्रसव कर दिया। आरोप है कि जब इसकी जानकारी देते हुए प्रसव से मना करने की कोशिश की गई तो स्टाफ ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मना करने पर भी नहीं माने। कह दिया कि आप चिंता ना करो हमे पता है कि अभी डेट नहीं है हम सब जानते हुए ही समय से पहले प्रसव करा रहे हैं। आप चिंता ना करो हम सब संभाल लेंगे। यह कहते हु ए समय से पहले ही प्रसव करा दिया।
घटना के बाद से फरार थे आरोपी ( UP Crime )
आरोप है कि स्टाफ की इसी लापरवाही से उसकी पत्नी की मौत हो गई। जच्चा बच्चा की मौत के बाद पति ने अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोपों में मामला दर्ज किया गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने फरार आरोपी दिलशाद पुत्र मजहर हसन निवासी ग्राम गढ़ी मियां कांधला जिला शामली और रीना उर्फ रिया पुत्री अयूब निवासी अहमद शाहपुर पडरा थाना कोतवाली बागपत को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे भी जांच की जा रही है। जो भी आरोपी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


