सुपौल जिले के प्रतापगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि महिला ने मृत शिशु को जन्म दिया था और उसकी मौत संक्रमण के कारण हुई। मृतका की पहचान परसा बिरवन वार्ड संख्या-14 निवासी ममता कुमारी(32) के रूप में हुई है। बुधवार की सुबह महिला को 9 बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सीएचसी प्रतापगंज लाए थे। परिजन के अनुसार, अस्पताल में समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिससे स्थिति बिगड़ती गई। ममता कुमारी ने अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया, जिसकी जन्म के कुछ ही देर बाद मृत्यु हो गई।
नवजात की मृत्यु के बाद प्रसूता ममता कुमारी की हालत लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने समय पर नहीं किया इलाज परिजन ने आरोप लगाया कि गंभीर स्थिति के बावजूद डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया और बाद में उसे रेफर कर दिया। दोपहर के समय ममता कुमारी को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल रेफर किया गया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में मां और शिशु दोनों की मृत्यु हो गई। मृतका के पति अभिनंदन पंडित और परिवार के अन्य सदस्यों ने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर सही उपचार मिलता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। सदर अस्पताल पहुंचने से पहले महिला की मौत सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सरोज कुमार ने बताया कि महिला को जब अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं, सीएचसी प्रतापगंज के चिकित्सक डॉ. साजिद ने जानकारी दी कि महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। डॉ. साजिद के अनुसार, इसके बाद महिला को संक्रमण हो गया और हालत बिगड़ने पर उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया था। सुपौल जिले के प्रतापगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि महिला ने मृत शिशु को जन्म दिया था और उसकी मौत संक्रमण के कारण हुई। मृतका की पहचान परसा बिरवन वार्ड संख्या-14 निवासी ममता कुमारी(32) के रूप में हुई है। बुधवार की सुबह महिला को 9 बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सीएचसी प्रतापगंज लाए थे। परिजन के अनुसार, अस्पताल में समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिससे स्थिति बिगड़ती गई। ममता कुमारी ने अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया, जिसकी जन्म के कुछ ही देर बाद मृत्यु हो गई।
नवजात की मृत्यु के बाद प्रसूता ममता कुमारी की हालत लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने समय पर नहीं किया इलाज परिजन ने आरोप लगाया कि गंभीर स्थिति के बावजूद डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया और बाद में उसे रेफर कर दिया। दोपहर के समय ममता कुमारी को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल रेफर किया गया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में मां और शिशु दोनों की मृत्यु हो गई। मृतका के पति अभिनंदन पंडित और परिवार के अन्य सदस्यों ने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर सही उपचार मिलता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। सदर अस्पताल पहुंचने से पहले महिला की मौत सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सरोज कुमार ने बताया कि महिला को जब अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं, सीएचसी प्रतापगंज के चिकित्सक डॉ. साजिद ने जानकारी दी कि महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। डॉ. साजिद के अनुसार, इसके बाद महिला को संक्रमण हो गया और हालत बिगड़ने पर उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया था।


