नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायतों पर बिजली बिल का भारी-भरकम बकाया चढ़ गया है। कुल मिलाकर यह राशि 17.09 करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो गई है। वक्त पर बिल न भरने की वजह से अब यह डर सता रहा है कि अगर बिजली कंपनी ने कनेक्शन काट दिए, तो भीषण गर्मी में गांवों में पीने के पानी की सप्लाई और दूसरी जरूरी सेवाएं ठप हो सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि सरकार की ओर से पंचायतों को विकास कार्यों के लिए बजट (पांचवें राज्य वित्त आयोग का अनुदान) जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद पंचायतें पुराना बिल चुकाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। बिजली कंपनी ने बकाया वसूली के लिए जिला पंचायत को चिट्ठी भी लिखी है, लेकिन वसूली की रफ्तार बहुत सुस्त है। किस इलाके में कितना बकाया जिले की 1904 पंचायतों के बिजली कनेक्शनों के ऑडिट में भारी उधारी सामने आई है। सबसे ज्यादा बकाया चीचली इलाके में है, जहां 3.42 करोड़ रुपए बाकी हैं। इसके बाद साईंखेड़ा (3.21 करोड़), गोटेगांव (3.20 करोड़), चांवरपाठा (3.04 करोड़), नरसिंहपुर (2.51 करोड़) और करेली (1.66 करोड़) का नंबर आता है। सरकारी विभागों का भी बुरा हाल सिर्फ पंचायतें ही नहीं, बल्कि दूसरे सरकारी विभाग भी बिल भरने में पीछे हैं। पूरे जिले के सरकारी विभागों पर करीब 23.29 करोड़ रुपए का बिल बकाया है, जिसमें से अब तक मात्र 92.59 लाख रुपए ही वसूल हो पाए हैं। नगर पालिका: 1.14 करोड़ बकाया (28.69 लाख की वसूली)। महिला एवं बाल विकास विभाग: 2.03 करोड़ बकाया (30.46 लाख की वसूली)। BSNL: 17.48 लाख बकाया (6.71 लाख की वसूली)। स्वास्थ्य विभाग: 27.61 लाख बकाया (2.08 लाख की वसूली)। अगर जल्द ही बिलों का भुगतान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।


