Monsoon 2026: “तपा नखत में जो चुइ जाय, सभी नखत फीके पड़ जाएं” जानिए नौतपा कब से लगेगा?

Monsoon 2026: “तपा नखत में जो चुइ जाय, सभी नखत फीके पड़ जाएं” जानिए नौतपा कब से लगेगा?

Monsoon 2026: यूपी सहित देश के कई राज्यों में नौतपा को लेकर खास मान्यता है। यह वह समय होता है जब भीषण गर्मी पड़ती है और इसका सीधा असर खेती और मौसम पर देखने को मिलता है। माना जाता है कि नौतपा की तेज तपिश आने वाले मानसून की स्थिति तय करती है। साल 2026 में यह अवधि 25 मई से शुरू होकर जून के पहले सप्ताह तक चलेगी।

Monsoon 2026: यूपी सहित देश के कई हिस्सों में नौतपा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह वह समय होता है जब सूर्य की तेज किरणें धरती को झुलसाने लगती हैं। और तापमान काफी बढ़ जाता है। मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। तभी से नौतपा की शुरुआत होती है। जो लगभग नौ दिनों तक चलता है।

25 में से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा

साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। इस दौरान भीषण गर्मी, लू और तेज धूप का असर देखने को मिलेगा। आमतौर पर इस समय तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाता है। यह अवधि भले ही लोगों के लिए कठिन होती है। लेकिन खेती के नजरिए से इसे बेहद जरूरी माना जाता है।

नौतपा के बाद ही मानसून यूपी में प्रवेश करता

लोक मान्यताओं के अनुसार, अगर नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी पड़ती है। तो मानसून भी बेहतर रहने की संभावना होती है। वहीं अगर इस समय बारिश हो जाए। तो आगे चलकर वर्षा कमजोर पड़ सकती है। यही वजह है कि किसान इस समय को ध्यान में रखकर अपनी खेती की योजना बनाते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस समय का महत्व है। तेज गर्मी के कारण जमीन और समुद्र का पानी तेजी से गर्म होता है। जिससे वाष्पीकरण बढ़ता है। यही प्रक्रिया बाद में मानसून की बारिश का आधार बनती है। इसी दौरान केरल और तमिलनाडु के रास्ते देश में मानसून की एंट्री भी शुरू होती है। नौतपा के बाद ही मानसून यूपी में प्रवेश करता है। 15 जून तक इसके आने की उम्मीद रहती है। कभी-कभी यह डेट बढ़ भी जाती है। यह मौसम की प्रणाली पर निर्भर करता है।

कभी-कभी नौतपा के दौरान ल और प्रचंड गर्मी रहती, यह अच्छे मानसून का संकेत

हालांकि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण अब कई बार नौतपा का असर पहले जैसा महसूस नहीं होता। जो किसानों के लिए चिंता की बात है। फिर भी यह समय मौसम के संकेत देने वाला अहम चरण माना जाता है।
इस दौरान लोगों को लू और गर्मी से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना और जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। वहीं किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां करनी चाहिए, ताकि आने वाले समय में उन्हें बेहतर परिणाम मिल सकें।

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