गैस क्राइसिस को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय स्तर से भी गाइडलाइन जारी की गई है। इसके मुताबिक, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोकल स्तर पर गैस एजेंसी के बाहर पुलिस और पदाधिकारी अपने अपने इलाके की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। फर्जी गैस एजेंसियों के नाम से मैसेज सर्कुलेट इसी बीच सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ फर्जी गैस एजेंसियों के नाम से मैसेज सर्कुलेट होते देखे गए हैं। जिनके पास कोई डॉक्यूमेंट नहीं है। बावजूद इसके विकास, सुरेश, राज इत्यादि के नाम से लोगों से गैस सिलेंडर के नाम पर ठगी के फिराक में हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ साइबर पुलिस सख्ती बरत रही है। फेसबुक, यूट्यूब समेत सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग पटना साइबर थाने के SHO नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि, ‘सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग की जा रही है। खासकर के फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फर्जी ऐड निकालकर गैस सिलेंडर मुहैया कराने वालों पर नजर रख रहे हैं। गैस सिलेंडर मुहैया कराने के नाम पर एक भी फर्जी ऐड अगर पाया गया तो उस यूआरएल के खिलाफ साइबर थाने की पुलिस अपने स्टेटमेंट पर केस रजिस्टर्ड कर कार्रवाई करेगी।’ लोगों से सावधान रहने की अपील थानेदार नीतीश चंद्र धारिया ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के मैसेज से बिल्कुल सावधान रहने की जरूरत है। फेसबुक पर एजेंसियां गैस सिलेंडर देने के लिए ऐड वगैरह नहीं देती हैं। अगर आपको इस तरीके का मैसेज सोशल मीडिया पर दिख रहा है तो फौरन उस URL, आईडी के खिलाफ साइबर थाने में रिपोर्ट करें। उस पर एक्शन लिया जाएगा। गैस क्राइसिस को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय स्तर से भी गाइडलाइन जारी की गई है। इसके मुताबिक, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोकल स्तर पर गैस एजेंसी के बाहर पुलिस और पदाधिकारी अपने अपने इलाके की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। फर्जी गैस एजेंसियों के नाम से मैसेज सर्कुलेट इसी बीच सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ फर्जी गैस एजेंसियों के नाम से मैसेज सर्कुलेट होते देखे गए हैं। जिनके पास कोई डॉक्यूमेंट नहीं है। बावजूद इसके विकास, सुरेश, राज इत्यादि के नाम से लोगों से गैस सिलेंडर के नाम पर ठगी के फिराक में हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ साइबर पुलिस सख्ती बरत रही है। फेसबुक, यूट्यूब समेत सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग पटना साइबर थाने के SHO नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि, ‘सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग की जा रही है। खासकर के फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फर्जी ऐड निकालकर गैस सिलेंडर मुहैया कराने वालों पर नजर रख रहे हैं। गैस सिलेंडर मुहैया कराने के नाम पर एक भी फर्जी ऐड अगर पाया गया तो उस यूआरएल के खिलाफ साइबर थाने की पुलिस अपने स्टेटमेंट पर केस रजिस्टर्ड कर कार्रवाई करेगी।’ लोगों से सावधान रहने की अपील थानेदार नीतीश चंद्र धारिया ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के मैसेज से बिल्कुल सावधान रहने की जरूरत है। फेसबुक पर एजेंसियां गैस सिलेंडर देने के लिए ऐड वगैरह नहीं देती हैं। अगर आपको इस तरीके का मैसेज सोशल मीडिया पर दिख रहा है तो फौरन उस URL, आईडी के खिलाफ साइबर थाने में रिपोर्ट करें। उस पर एक्शन लिया जाएगा।


