Monalisa And Farman Khan: पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ‘महाकुंभ वायरल गर्ल’ मोनालिसा छाई हुई है। उन्होंने मुस्लिम फरमान से परिवार के खिलाफ जाकर शादी की थी, जिसके बाद से ही हंगामा मचा हुआ है। दोनों की शादी को लव जिहाद का नाम दिया गया है। ऐसे में एक बड़ी खबर आ रही है। मोनालिसा भोंसले और उनके पति फरमान की मुश्किलें कम होने की बजाए बढ़ रही हैं। कपल की शादी पर मुसीबत आ गई है, कहा जा रहा है कि दोनों इस कदम के बाद अलग भी हो सकते हैं।
ऐसा इसलिए क्योंकि इस मामले में देश की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था, ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग’ (NHRC) ने दखल दे दिया है। आयोग ने खरगोन के पुलिस अधीक्षक (SP) रविंद्र वर्मा को नोटिस जारी कर मोनालिसा की उम्र की विस्तृत जांच करने के सख्त निर्देश दे डाले हैं। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मोनालिसा और फरमान की शादी की तस्वीरें सामने आईं। इसके तुरंत बाद कई पक्षों ने दावा किया कि मोनालिसा अभी नाबालिग हैं और उनकी शादी कानूनी रूप से वैध नहीं है।
मोनालिसा और फरमान होंगे अलग? (Monalisa Farman Marriage Controversy)
खरगोन एसपी रविंद्र वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आयोग से नोटिस मिल चुका है। उन्होंने कहा, “हम आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने जो भी आरोप लगाए हैं, उनकी सच्चाई का पता लगाया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि आयोग ने केरल के मुख्य सचिव और डीजीपी को भी इस मामले में समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं। इससे साफ है कि मामला अब दो राज्यों के बीच की कानूनी पेचीदगियों में फंस चुका है।

माता-पिता और डायरेक्टर ने लगाए गंभीर आरोप (NHRC Notice viral girl monalisa age truth)
मोनालिसा के माता-पिता जयसिंह भोंसले और लता भोंसले ने पहले ही सबके सामने कहा था कि उनकी बेटी की उम्र अभी शादी लायक नहीं है। उनके अलावा, फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने भी यह दावा कर सनसनी फैला दी थी कि फिल्म की शूटिंग के दौरान मोनालिसा नाबालिग थीं। समाज के एक वर्ग और सोशल मीडिया पर भी फरमान पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने धोखे से यह निकाह किया है।

उम्र का प्रमाण देना होगा अनिवार्य
महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा और फरमान के लिए अब अपनी शादी को सही साबित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब उन्हें कोर्ट या आयोग के सामने ऐसे पुख्ता दस्तावेज पेश करने होंगे, जो मोनालिसा के बालिग होने की पुष्टि कर सकें। यदि जांच में मोनालिसा नाबालिग पाई जाती हैं, तो फरमान पर गंभीर कानूनी शिकंजा कस सकता है। यह मामला अब केवल एक ‘वायरल स्टोरी’ नहीं रह गया है, बल्कि बाल विवाह और मानवाधिकारों की एक बड़ी कानूनी जंग में तब्दील हो चुका है।


