मोगा जिले के बाघापुराना में पंचायत समिति के चेयरपर्सन और वाइस-चेयरपर्सन चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एसडीएम बबनजीत सिंह द्वारा डीसी की शिकायत करने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच, बाघापुराना के विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने मीडिया से बातचीत में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसडीएम पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं था और न ही उन्हें किसी ने धमकाया था। विधायक सुखानंद ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनके अनुसार, जिम्मेदार अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और किसी भी गड़बड़ी के सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने आगे कहा कि सरकारी अधिकारियों को बिना किसी डर या दबाव के अपना काम करना चाहिए। यदि कोई समस्या या गलती सामने आती है, तो उसे लंबित रखने के बजाय तुरंत ठीक करना आवश्यक है, ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके। इस बयान के बाद मामले को लेकर सियासी माहौल और गरमा गया है। विभिन्न पक्षों द्वारा इस पर प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं, जबकि आम लोगों के मन में भी कई सवाल उठ रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि वास्तविक स्थिति क्या है और यदि कहीं लापरवाही हुई है, तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल, यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और खुलासे होने की संभावना है
एसडीएम ने डीसी मोगा पर लगाए गंभीर आरोप, चीफ सेक्रेटरी को लिखा पत्र मोगा जिले के बाघापुराना में 17 मार्च को पंचायत समिति के चेयरपर्सन और वाइस-चेयरपर्सन चुनाव हुए। इसमें शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पार्टी ने मिलकर अपने उम्मीदवारों को समर्थन दिया था। आरोप है कि मौजूदा सरकार ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए चुनाव अपने पक्ष में करवाया और अपने पार्टी के उम्मीदवारों को चेयरपर्सन और वाइस-चेयरपर्सन बना दिया। चुनाव के दौरान अकाली दल और कांग्रेस के नेताओं ने इसका विरोध भी किया। उस समय मौके पर बाघापुराना के एसडीएम और स्थानीय विधायक भी मौजूद थे। विरोध के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाई गई, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया।
इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब बाघापुराना के मौजूदा एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को 22 मार्च को एक पत्र लिखकर मोगा के डीसी सागर सेतिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने पत्र में एसडीएम ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान दबाव, हस्तक्षेप और प्रशासनिक दखलंदाजी जैसे मुद्दों का जिक्र किया है। चीफ सेक्रेटरी को लिखा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हे। जानकारी मिली हे एसडीएम बाबनदीप सिंह वालिया उस दिन के बाद छुट्टी में हे और उनके फोन भी बंद हे ।


