मेट्रो डिपो के पास 35 करोड़ रुपए से बनाए गए ‘मॉडर्न’ स्लॉटर हाउस को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे। कहा गया था कि यहां खून, अवशेष और बदबू नहीं फैलेगी। लेकिन हकीकत यह है कि स्लॉटर हाउस के पास से गुजरने वाले नाले में आज भी नियमों के खिलाफ अवशेष और खून बह रहा हैं। उजाला होने से पहले या रात के अंधेरे में पानी छोड़ा जाता है। लाल, फिर पीले और काले रंग के बदबूदार पानी से आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। पद्मनाभ नगर, सुभाष नगर, प्रभात पेट्रोल पंप सहित कई कॉलोनियों के रहवासी इससे परेशान हैं। आरोप है कि ‘मॉडर्न’ के नाम पर पुराने तरीके से ही स्लॉटर हाउस चल रहा है। कुत्ते नाले से मवेशियों के अवशेष निकालकर घरों के बाहर फेंक देते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ग्रीन मिडोज के लोगों ने पहले ही स्लॉटर हाउस यहां न बनाने को लेकर प्रदर्शन किया था। वर्तमान में हाईकोर्ट में इस संचालन को लेकर याचिका भी लंबित है। शुरू होने के बाद से पीसीबी और निगम की मॉनिटरिंग गायब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर 3 महीने पहले स्लॉटर हाउस संचालन की अनुमति दी थी। करीब एक महीने पहले से संचालन शुरू हुआ। इसके बाद न तो पीसीबी और न ही नगर निगम की नियमित मॉनिटरिंग दिखाई दी। वहीं, कंसेंट टू ऑपरेट की फाइल लगभग पांच महीने शासन स्तर पर अटकी रही। मंजूरी मिलने के बाद अक्टूबर में एमआईसी से हरी झंडी मिली और 8 दिसंबर से संचालन शुरू हुआ। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का भी मानना है कि खून और तरल अपशिष्ट सीधे नाले में जाना स्पष्ट उल्लंघन है। मांस के टुकड़े बने खतरा, कुत्तों के हमले बढ़े
स्लॉटर हाउस के सामने नाले के पास स्लॉटरिंग के बाद मांस के टुकड़े फेंक दिए जाते हैं। मांस के इन टुकड़ों को आवारा कुत्ते सड़क पर बिखेर देते हैं। रात होते ही यही कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं और राहगीरों व वाहन चालकों पर हमला कर देते हैं। कई लोग कुत्तों के हमले से गिरकर घायल हो चुके हैं। 35 करोड़ रुपए से बने मॉडर्न स्लॉटर हाउस के शुरू होने से पहले बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन हकीकत यह है कि स्लॉटर हाउस के पास बहते नाले में मवेशियों के मांस के टुकड़े और खून बहता नजर आ रहा है। गड़बड़ी मिली तो बंद कराएंगे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संचालन की अनुमति दी है। अगर लाल पानी आ रहा है तो जांच कराएंगे। पानी के सैंपल लिए जाएंगे। गड़बड़ी मिलने पर स्लॉटर हाउस बंद कराएंगे। -बृजेश शर्मा, रीजनल डायरेक्टर, एमपीपीसीबी बदबू-लाल पानी की जांच कराएंगे
स्लाटर हाउस से बदबू और लाल पानी बहने की शिकायत की जांच कराएंगे। नियमों का पालन कराया जाएगा। हमने जीरो वेस्ट की ही परमिशन दी है। – संस्कृति जैन, कमिश्नर, नगर निगम


