Modern Lifestyle Diseases: 40 से पहले हार्ट अटैक और 30 में बीपी की गोली? युवाओं की मॉडर्न लाइफस्टाइल के लिए डॉक्टर का बड़ा अलर्ट

Modern Lifestyle Diseases: 40 से पहले हार्ट अटैक और 30 में बीपी की गोली? युवाओं की मॉडर्न लाइफस्टाइल के लिए डॉक्टर का बड़ा अलर्ट

Modern Lifestyle Diseases: आजकल जिसको देखो वहीं थकान, शरीर में दर्द और खराब फिटनेस को नॉर्मल मानने लगा है। हमें लगता है कि ऑफिस से आने के बाद पीठ दुखना या थोड़ा सा चलने पर सांस फूलना तो सबको होता है, लेकिन मशहूर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनन वोरा कहते हैं कि यह बहुत गलत है। डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की हुई वीडियो में बताया है कि शरीर का इस तरह से साथ छोड़ना बिल्कुल नॉर्मल नहीं है। अगर आपका शरीर भी किसी भारी काम को करने में संघर्ष कर रहा है, तो समझ लीजिए कि आप नॉर्मल नहीं, बल्कि अस्वस्थ हैं। आइए जानते हैं कि कैसे हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं।

30 की उम्र और दवाइयों का सहारा

डॉक्टर ने युवाओं के लिए बताया कि 30 साल की उम्र में ही कमर दर्द का पट्टा बांधना या बीपी (ब्लड प्रेशर) की गोलियां शुरू करना बहुत चिंता की बात है। आजकल 40 साल से पहले ही हार्ट अटैक की आने लगे हैं। हमें लगता है कि काम का टेंशन है, इसलिए ऐसा हो रहा है। लेकिन असल में हम अपने शरीर का ध्यान ही नहीं रख रहे। अगर आप एक मंजिल सीढ़ी चढ़कर ही हांफने लगते हैं, तो आपका शरीर आपको इशारा दे रहा है कि आपको अपने शरीर का ध्यान रखने की जरूरत है।

थकान और दर्द को नॉर्मल ना कहें

डॉक्टर मनन वोरा का कहना है कि हमने अपनी खराब आदतों को आजकल का मॉडर्न लाइफस्टाइल मान लिया है। जरा सोचिए, क्या ये बातें सच हैं

  • हफ्ते में 5 दिन बाहर का खाना: इसे लोग शौक कहते हैं, पर यह शरीर के लिए जहर जैसा है।
  • बच्चों का मोटापा: अगर 10 साल से छोटा बच्चा बहुत मोटा है, तो यह सेहतमंद होने की निशानी नहीं, बल्कि बीमारी का संकेत है।
  • नींद के बाद भी सुस्ती: 8 घंटे सोने के बाद भी अगर आप थका हुआ महसूस करते हैं, तो समझ लीजिए कि शरीर अंदर से कमजोर हो रहा है।

अपने आप को मोटिवेट करें, वरना शरीर जवाब दे देगा

डॉक्टर मनन वोरा की सलाह है, अपने शरीर को मशीन की तरह मत घिसिए। हम अक्सर अपनी खराब सेहत के साथ समझौता कर लेते हैं। पीठ दर्द है तो हम झुककर चलने लगते हैं, थकान है तो ज्यादा चाय-कॉफी पीने लगते हैं। पर यह सब सही नहीं है।

बॉडी मैंटेन करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है, यह तो आपकी जिंदगी का हिस्सा है। अगर शरीर ही कमजोर होगा, तो आगे का रास्ता मुश्किल हो जाएगा। इसलिए बाहर का पैक खाना छोड़ें, अच्छी नींद लें और रोज थोड़ा पसीना जरूर बहाएं। अपने शरीर को टूटने से बचाएं और उसे मजबूत बनाएं। याद रखिए, बिना बीमारियों और बिना दवाइयों के जीना ही असली नॉर्मल लाइफ है।

खुद को ऐसे रखें फिट

डॉ. मनन वोरा के अनुसार, एक स्वस्थ शरीर और नॉर्मल लाइफ का असली मतलब है-

  • रेगुलर एक्सरसाइज: शरीर को मजबूत बनाने के लिए रोज स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना नॉर्मल है।
  • घर का सादा खाना: पैकेट वाली चीजों के बजाय घर का बना हुआ, बिना मिलावट वाला और पोषण से भरपूर खाना खाना ही सही है।
  • सही वजन (BMI): अपनी लंबाई और उम्र के हिसाब से अपने वजन को कंट्रोल में रखना, ताकि शरीर पर फालतू बोझ न पड़े।
  • भरपूर नींद: शरीर को रिकवर करने और दिमाग को शांत रखने के लिए रोज 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है।
  • मजबूत शरीर: एक ऐसा शरीर होना जो छोटी-छोटी दिक्कतों में जवाब न दे या बार-बार बीमार न पड़े, बल्कि हर काम में आपका पूरा साथ दे।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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