अररिया में आधुनिक शवदाह गृह तैयार:बिजली और लकड़ी दोनों से अंतिम संस्कार की सुविधा, जल्द आम लोगों के लिए खुलेगा

अररिया में आधुनिक शवदाह गृह तैयार:बिजली और लकड़ी दोनों से अंतिम संस्कार की सुविधा, जल्द आम लोगों के लिए खुलेगा

अररिया शहर के त्रिसुलिया घाट पर नवनिर्मित आधुनिक शवदाह गृह का निरीक्षण मंगलवार शाम 7:30 बजे किया गया। बुडको के कार्यपालक अधिकारी विकास कुमार और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने निर्माण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सुविधाओं की गुणवत्ता पर खुशी जताई। इस शवदाह गृह में आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम किया गया है। यहां बिजली चालित अंतिम संस्कार की सुविधा उपलब्ध होगी, जो पर्यावरण के अनुकूल है और लकड़ी की बचत करती है। इसके साथ ही, पारंपरिक तरीके से लकड़ी का उपयोग कर अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी बरकरार रखी गई है। इससे शहरवासियों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और सुविधा के अनुसार विकल्प चुनने की छूट मिलेगी। शवदाह गृह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी
उपमुख्य पार्षद गौतम शाह ने बताया कि शवदाह गृह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इसे बहुत जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब अररिया जिले के निवासी बिना किसी परेशानी के यहां अंतिम संस्कार कर सकेंगे। यह सुविधा दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगी, क्योंकि पहले शहर में उचित शवदाह गृह की कमी थी। अररिया वासियों को सहूलियत की उम्मीद
निरीक्षण के दौरान बुडको के जेई स्नेहा डोगरा, संवेदक अमित कुमार और अन्य अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे। यह नई सुविधा शहर की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधा को बढ़ावा देगी। इस शवदाह गृह के पूर्ण रूप से चालू होने से अररिया वासियों को बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। अररिया शहर के त्रिसुलिया घाट पर नवनिर्मित आधुनिक शवदाह गृह का निरीक्षण मंगलवार शाम 7:30 बजे किया गया। बुडको के कार्यपालक अधिकारी विकास कुमार और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने निर्माण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सुविधाओं की गुणवत्ता पर खुशी जताई। इस शवदाह गृह में आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम किया गया है। यहां बिजली चालित अंतिम संस्कार की सुविधा उपलब्ध होगी, जो पर्यावरण के अनुकूल है और लकड़ी की बचत करती है। इसके साथ ही, पारंपरिक तरीके से लकड़ी का उपयोग कर अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी बरकरार रखी गई है। इससे शहरवासियों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और सुविधा के अनुसार विकल्प चुनने की छूट मिलेगी। शवदाह गृह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी
उपमुख्य पार्षद गौतम शाह ने बताया कि शवदाह गृह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इसे बहुत जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब अररिया जिले के निवासी बिना किसी परेशानी के यहां अंतिम संस्कार कर सकेंगे। यह सुविधा दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगी, क्योंकि पहले शहर में उचित शवदाह गृह की कमी थी। अररिया वासियों को सहूलियत की उम्मीद
निरीक्षण के दौरान बुडको के जेई स्नेहा डोगरा, संवेदक अमित कुमार और अन्य अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे। यह नई सुविधा शहर की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधा को बढ़ावा देगी। इस शवदाह गृह के पूर्ण रूप से चालू होने से अररिया वासियों को बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।  

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