शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग ने जिले के प्रत्येक प्रखंड में एक हाईस्कूल को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत चयनित विद्यालयों में आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराई जा सके। राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रमंडलस्तरीय टीम का गठन किया है। यह टीम चिह्नित विद्यालयों में मौजूदा बुनियादी सुविधाओं की व्यापक जांच करेगी। टीम के सदस्य अपने-अपने प्रमंडल क्षेत्र के विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों में वर्ग कक्ष, शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमियों को दूर किया जाएगा। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन मॉडल स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा की विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को डिजिटल युग से जोड़ा जा सके। नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी, बल्कि खेलकूद और अन्य पाठ्येतर गतिविधियों में भी दक्ष बनाने का प्रयास किया जाएगा। इन विद्यालयों को मिली मॉडल स्कूल की मान्यता जिले के विभिन्न प्रखंडों में चयनित विद्यालयों में अस्थावां प्रखंड का आरएसबी हाईस्कूल, बिहारशरीफ का जवाहर कन्या हाईस्कूल, बिंद हाईस्कूल, हरनौत का गोनावां-पोआरी हाईस्कूल, नूरसराय का सरदारबिगहा हाईस्कूल, रहुई का पैठना हाईस्कूल, सरमेरा हाईस्कूल, चंडी का तुलसीगढ़ हाईस्कूल, एकंगरसराय का एसएस एकेडमी, हिलसा का आरबी हाईस्कूल शामिल है। इसके अलावा इस्लामपुर का नेताजी सुभाष प्लस टू हाईस्कूल, करायपरसुराय का मकरौता हाईस्कूल, नगरनौसा का विकास हाईस्कूल भोभी, परवलपुर का बड़ीमठ हाईस्कूल, थरथरी का अस्ता हाईस्कूल, बेन हाईस्कूल, गिरियक का चोरसुआ हाईस्कूल, कतरीसराय का गोर्वधनबिगहा हाईस्कूल, राजगीर का बेलदारबिगहा हाईस्कूल और सिलाव का रासबिहारी हाईस्कूल को भी मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों ने जताया विश्वास जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में एक-एक हाईस्कूल को मॉडल विद्यालय में विकसित करने की योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। चयनित विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया जाएगा और उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शिक्षा विभाग ने जिले के प्रत्येक प्रखंड में एक हाईस्कूल को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत चयनित विद्यालयों में आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराई जा सके। राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रमंडलस्तरीय टीम का गठन किया है। यह टीम चिह्नित विद्यालयों में मौजूदा बुनियादी सुविधाओं की व्यापक जांच करेगी। टीम के सदस्य अपने-अपने प्रमंडल क्षेत्र के विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों में वर्ग कक्ष, शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमियों को दूर किया जाएगा। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन मॉडल स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा की विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को डिजिटल युग से जोड़ा जा सके। नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी, बल्कि खेलकूद और अन्य पाठ्येतर गतिविधियों में भी दक्ष बनाने का प्रयास किया जाएगा। इन विद्यालयों को मिली मॉडल स्कूल की मान्यता जिले के विभिन्न प्रखंडों में चयनित विद्यालयों में अस्थावां प्रखंड का आरएसबी हाईस्कूल, बिहारशरीफ का जवाहर कन्या हाईस्कूल, बिंद हाईस्कूल, हरनौत का गोनावां-पोआरी हाईस्कूल, नूरसराय का सरदारबिगहा हाईस्कूल, रहुई का पैठना हाईस्कूल, सरमेरा हाईस्कूल, चंडी का तुलसीगढ़ हाईस्कूल, एकंगरसराय का एसएस एकेडमी, हिलसा का आरबी हाईस्कूल शामिल है। इसके अलावा इस्लामपुर का नेताजी सुभाष प्लस टू हाईस्कूल, करायपरसुराय का मकरौता हाईस्कूल, नगरनौसा का विकास हाईस्कूल भोभी, परवलपुर का बड़ीमठ हाईस्कूल, थरथरी का अस्ता हाईस्कूल, बेन हाईस्कूल, गिरियक का चोरसुआ हाईस्कूल, कतरीसराय का गोर्वधनबिगहा हाईस्कूल, राजगीर का बेलदारबिगहा हाईस्कूल और सिलाव का रासबिहारी हाईस्कूल को भी मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों ने जताया विश्वास जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में एक-एक हाईस्कूल को मॉडल विद्यालय में विकसित करने की योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। चयनित विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया जाएगा और उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।


