कटिहार में भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक बड़ा अभ्यास किया गया। राज्य स्तरीय मॉडल के तहत आयोजित इस मॉक ड्रिल में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी भी मौजूद रहे। यह विशेष मॉक ड्रिल हरिशंकर नायक विद्यालय परिसर में आयोजित की गई। इसमें भूकंप की एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि आपदा के समय प्रशासन और राहत एजेंसियां किस प्रकार मिलकर त्वरित कार्रवाई करती हैं। इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। भूकंप का सायरन बजते ही, इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ प्रतिभागियों को घायल मानते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के दौरान घबराहट को कम करना और राहत-बचाव कार्यों को अधिक तेज एवं प्रभावी बनाना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सतर्कता, बेहतर समन्वय और समय पर की गई कार्रवाई से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मॉक ड्रिल की तस्वीरें… कटिहार में भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक बड़ा अभ्यास किया गया। राज्य स्तरीय मॉडल के तहत आयोजित इस मॉक ड्रिल में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी भी मौजूद रहे। यह विशेष मॉक ड्रिल हरिशंकर नायक विद्यालय परिसर में आयोजित की गई। इसमें भूकंप की एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि आपदा के समय प्रशासन और राहत एजेंसियां किस प्रकार मिलकर त्वरित कार्रवाई करती हैं। इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। भूकंप का सायरन बजते ही, इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ प्रतिभागियों को घायल मानते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के दौरान घबराहट को कम करना और राहत-बचाव कार्यों को अधिक तेज एवं प्रभावी बनाना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सतर्कता, बेहतर समन्वय और समय पर की गई कार्रवाई से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मॉक ड्रिल की तस्वीरें…


