बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) को धरातल पर उतारने के लिए नालंदा जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। अब आम लोगों को अपनी शिकायतों को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले के सभी सरकारी कार्यालयों (ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक) में अधिकारी हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को अपने कार्यालय में मौजूद रहकर आमजनों की समस्याएं सुनेंगे।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। जिसमें यह निर्देश जारी किया गया। बैठक में सालेपुर बेलउआ सड़क निर्माण कार्य और मलमास मेला-2026 की पूर्व तैयारियों पर भी चर्चा की गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि कई बार शिकायतें मिलती हैं कि अधिकारी दफ्तार में नहीं मिलते। इसे दूर करने के लिए सोमवार-शुक्रवार का दिन तय किया गया है। यदि कोई अधिकारी अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहता है, तो उसका प्रभारित अधिकारी जनता की सुनेगा। इसके अलावा सभी कार्यालयों में आगंतुकों के सम्मानपूर्वक बैठने, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों के लिए एक अलग पंजी बनेगी। जिसकी नियमित मॉनिटरिंग होगी। गर्मी से पहले पानी का इंतजाम, चलेंगे मोबाइल व्हीकल आने वाले दिनों में गर्मियों को देखते हुए डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता को नल-जल योजना की शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए ‘क्यूआरटी-मोबाइल व्हीकल’ तैयार करने का निर्देश दिए हैं। इस वाहन पर मैकेनिक के साथ अतिरिक्त मोटर भी उपलब्ध होगा, ताकि सूचना मिलते ही तुरंत रिपेयरिंग की जा सके। इसके अलावा पईन और आहर को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि खेतों तक निर्बाध पानी पहुंच सके।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर जिले के शिक्षा स्तर को बेहतर बनाने के लिए हर प्रखंड में 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी कुल 102 चिह्नित विद्यालयों में नई तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को लेकर सिविल सर्जन को सख्त निर्देश दिया गया है कि अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाओं की सूची का डिस्प्ले हर हाल में हो। एक्स-रे, ईसीजी और अल्ट्रासाउंड की सुविधा होगी।
जमीन विवाद और फार्मर रजिस्ट्री पर ‘मिशन मोड’ में होगा काम जिलाधिकारी ने कृषि और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय से कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री (ई-केवाईसी और जमाबंदी) के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। बैठक में बताया गया कि 2025 में भूमि विवाद के कुल 402 आवेदनों में से 380 का निष्पादन हो चुका है। डीएम ने बचे हुए और 2026 के नए मामलों को तुरंत निपटाने और पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस और ई-मापी के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा गया है।
होली पर रहेगी पैनी नजर होली को देखते हुए सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को मद्य निषेध के तहत लगातार छापेमारी करने और नशीले पदार्थों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी समेत सभी विभागों के प्रमुख और प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) को धरातल पर उतारने के लिए नालंदा जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। अब आम लोगों को अपनी शिकायतों को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले के सभी सरकारी कार्यालयों (ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक) में अधिकारी हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को अपने कार्यालय में मौजूद रहकर आमजनों की समस्याएं सुनेंगे।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। जिसमें यह निर्देश जारी किया गया। बैठक में सालेपुर बेलउआ सड़क निर्माण कार्य और मलमास मेला-2026 की पूर्व तैयारियों पर भी चर्चा की गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि कई बार शिकायतें मिलती हैं कि अधिकारी दफ्तार में नहीं मिलते। इसे दूर करने के लिए सोमवार-शुक्रवार का दिन तय किया गया है। यदि कोई अधिकारी अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहता है, तो उसका प्रभारित अधिकारी जनता की सुनेगा। इसके अलावा सभी कार्यालयों में आगंतुकों के सम्मानपूर्वक बैठने, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों के लिए एक अलग पंजी बनेगी। जिसकी नियमित मॉनिटरिंग होगी। गर्मी से पहले पानी का इंतजाम, चलेंगे मोबाइल व्हीकल आने वाले दिनों में गर्मियों को देखते हुए डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता को नल-जल योजना की शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए ‘क्यूआरटी-मोबाइल व्हीकल’ तैयार करने का निर्देश दिए हैं। इस वाहन पर मैकेनिक के साथ अतिरिक्त मोटर भी उपलब्ध होगा, ताकि सूचना मिलते ही तुरंत रिपेयरिंग की जा सके। इसके अलावा पईन और आहर को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि खेतों तक निर्बाध पानी पहुंच सके।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर जिले के शिक्षा स्तर को बेहतर बनाने के लिए हर प्रखंड में 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी कुल 102 चिह्नित विद्यालयों में नई तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को लेकर सिविल सर्जन को सख्त निर्देश दिया गया है कि अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाओं की सूची का डिस्प्ले हर हाल में हो। एक्स-रे, ईसीजी और अल्ट्रासाउंड की सुविधा होगी।
जमीन विवाद और फार्मर रजिस्ट्री पर ‘मिशन मोड’ में होगा काम जिलाधिकारी ने कृषि और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय से कैंप लगाकर फार्मर रजिस्ट्री (ई-केवाईसी और जमाबंदी) के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। बैठक में बताया गया कि 2025 में भूमि विवाद के कुल 402 आवेदनों में से 380 का निष्पादन हो चुका है। डीएम ने बचे हुए और 2026 के नए मामलों को तुरंत निपटाने और पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस और ई-मापी के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा गया है।
होली पर रहेगी पैनी नजर होली को देखते हुए सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को मद्य निषेध के तहत लगातार छापेमारी करने और नशीले पदार्थों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी समेत सभी विभागों के प्रमुख और प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।


