फरीदाबाद में नए साल पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” की दो अत्याधुनिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल खासतौर पर गरीब, श्रमिक और मजदूर वर्ग के लिए शुरू की गई है, ताकि उन्हें घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय परिसर में किया गया, जहां उनके साथ स्थानीय विधायक, पार्षदगण, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी प्रकार के खून की जांच होगी इस दौरान मंत्री ने कहा कि यह चलित अस्पताल पूरी तरह से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस हैं और एक छोटे अस्पताल की तरह काम करेंगे। इन मेडिकल वाहनों में एसी, जनरेटर, एक्स-रे मशीन और अत्याधुनिक लैब की सुविधा उपलब्ध है, जहां सभी प्रकार के खून की जांच की जा सकेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” का मुख्य उद्देश्य उन गरीब और मजदूर लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है, जो दिनभर मेहनत-मजदूरी में लगे रहते हैं और समय के अभाव में अस्पताल नहीं जा पाते। अब यह चलता-फिरता अस्पताल सीधे उनके घर और कार्यस्थल तक पहुंचकर जांच, परामर्श और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा। सरकार केवल इलाज तक सीमित नहीं कृष्णपाल गुर्जर ने केंद्र सरकार की स्वास्थ्य नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत देश के लगभग 70 करोड़ लोग सालाना 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि दवाइयों की महंगाई को कम करने के लिए देशभर में 3000 से अधिक जनऔषधि केंद्र खोले गए हैं, जहां सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। हॉस्पिटल ऑन व्हील्स स्थायी अस्पताल से कम नहीं कृष्णपाल गुर्जर ने आगे कहा कि “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” में उपलब्ध सुविधाएं किसी स्थायी अस्पताल से कम नहीं हैं। इनमें मरीजों की जांच, एक्स-रे, लैब टेस्ट और प्राथमिक इलाज की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे के इलाज के लिए संबंधित अस्पतालों में रेफर भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल फरीदाबाद सहित आसपास के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी और गरीब व जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिलने में मददगार साबित होगी।


