खानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश गुर्जर ने हाड़ौती अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा विधानसभा में उठाया। उन्होंने नियम 50 के तहत स्थगन प्रस्ताव पेश किया। विधायक गुर्जर ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हाड़ौती के मिश्रोली, रटलाई, मंडावर, भवानीमंडी, बकानी, खानपुर, पनवाड़ और रायपुर जैसे गांवों के साथ-साथ बारां व कोटा जिलों में भी भारी तबाही हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के किसानों को नुकसान हुआ है, लेकिन झालावाड़, बारां और कोटा जिलों में स्थिति सबसे गंभीर है। झालावाड़ जिले के झालरापाटन, खानपुर, पनवाड़, रायपुर, बकानी, मिश्रोली, रटलाई, मंडावर और भवानीमंडी में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। मिश्रोली में आधे घंटे तक गिरे ओलों से खेत बर्फ की चादर से ढक गए। संतरा, सरसों, चना, अफीम, गेहूं, मेथी और धनिया सहित सभी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। फसलों को हुए नुकसान का विस्तृत विवरण देते हुए विधायक ने बताया कि सरसों और धनिया में सर्वाधिक क्षति हुई है, क्योंकि दाना पकने की स्थिति में था और ओलों ने बालियां झाड़ दीं। गेहूं की फसल तेज हवा और पानी के कारण आड़ी पड़ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और उत्पादन आधा रह जाने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, खेतों में काटकर रखी गई फसलों में फंगस लगने का खतरा भी बढ़ गया है। विधायक गुर्जर ने सरकार और मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस स्थिति को केवल ‘मौसम का बदलाव’ न माना जाए, बल्कि हजारों किसान परिवारों के जीवन-यापन का सवाल समझा जाए।


