सुपौल में मस्जिद के शौचालय से मिस्त्री का शव मिला:दरवाजा अंदर से बंद था, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही

सुपौल में मस्जिद के शौचालय से मिस्त्री का शव मिला:दरवाजा अंदर से बंद था, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही

सुपौल जिले के प्रतापगंज बाजार स्थित थाना रोड की जामा मस्जिद के शौचालय से रविवार दोपहर एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मृतक की पहचान भवानीपुर दक्षिण पंचायत के इस्लामपुर गांव निवासी अब्दुल नासिर के दामाद अश्विनी अहमद के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर का रहने वाला था और पेशे से बिजली मिस्त्री का काम करता था। जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर जामा मस्जिद में नमाज के लिए पहुंचे लोगों ने देखा कि मस्जिद के शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद है। दरवाजा तोड़ा तो अंदर शव मिला
काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो लोगों को संदेह हुआ। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर एक युवक का शव पड़ा मिला। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना प्रतापगंज थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही बीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया। मृतक की पत्नी नौसीन सबा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि करीब पांच वर्ष पहले मोबाइल फोन पर रॉन्ग नंबर के जरिए दोनों की बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। लगभग दो वर्षों तक दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। इसके बाद करीब तीन वर्ष पहले दोनों प्रतापगंज से भागकर राजस्थान चले गए और वहीं शादी कर ली। परिवार में दो बच्चों का जन्म हुआ
शादी के बाद दोनों लगभग एक वर्ष तक राजस्थान में ही रहे। इसके बाद वे बिहार के पूर्णिया जिले में रहने लगे। पूर्णिया में रहने के दौरान उनके परिवार में दो बच्चों का जन्म हुआ। दंपती की एक डेढ़ वर्ष की बेटी और चार माह का बेटा है। बताया जाता है कि पूर्णिया में रहने के दौरान अश्विनी ने धर्म परिवर्तन कर लिया था। पहले उसका नाम अश्विनी सिंह था, जिसे बदलकर उसने अश्विनी अहमद रख लिया। धर्म परिवर्तन के बाद वह अपनी पत्नी के गांव इस्लामपुर में रहने लगा था। पिछले करीब दस महीनों से वह वहीं रह रहा था और बिजली मिस्त्री का काम करता था। परिजनों के अनुसार शनिवार को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया जाता है कि अश्विनी नशे का आदी था और शनिवार को उसने अपनी पत्नी से पैसे की मांग की थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के बाद वह घर से यह कहकर निकला कि वह अपने घर जा रहा है, लेकिन बाद में वह प्रतापगंज बाजार स्थित जामा मस्जिद पहुंच गया। रात करीब 10 बजे युवक मस्जिद आया
जामा मस्जिद के इमाम इम्तियाज आलम ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे युवक मस्जिद आया और यहां रुकने की बात कही। मानवीय आधार पर उसे मस्जिद के एक कमरे में ठहरने की अनुमति दे दी गई। रविवार सुबह करीब आठ बजे उसे जगाया गया था। कुछ देर वह बाहर बैठा रहा और फिर चला गया। इमाम ने बताया कि रमजान का महीना होने के कारण वे अपने काम में व्यस्त थे। बाद में जब लोग नमाज के लिए मस्जिद पहुंचे तो शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद मिला। जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो लोगों ने उसे तोड़ दिया। दरवाजा टूटने पर अंदर युवक का शव पड़ा मिला। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में भीड़ जमा हो गई। लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
बीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि युवक का शव मस्जिद के शौचालय से बरामद किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। सुपौल जिले के प्रतापगंज बाजार स्थित थाना रोड की जामा मस्जिद के शौचालय से रविवार दोपहर एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मृतक की पहचान भवानीपुर दक्षिण पंचायत के इस्लामपुर गांव निवासी अब्दुल नासिर के दामाद अश्विनी अहमद के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर का रहने वाला था और पेशे से बिजली मिस्त्री का काम करता था। जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर जामा मस्जिद में नमाज के लिए पहुंचे लोगों ने देखा कि मस्जिद के शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद है। दरवाजा तोड़ा तो अंदर शव मिला
काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो लोगों को संदेह हुआ। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर एक युवक का शव पड़ा मिला। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना प्रतापगंज थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही बीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया। मृतक की पत्नी नौसीन सबा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि करीब पांच वर्ष पहले मोबाइल फोन पर रॉन्ग नंबर के जरिए दोनों की बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। लगभग दो वर्षों तक दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। इसके बाद करीब तीन वर्ष पहले दोनों प्रतापगंज से भागकर राजस्थान चले गए और वहीं शादी कर ली। परिवार में दो बच्चों का जन्म हुआ
शादी के बाद दोनों लगभग एक वर्ष तक राजस्थान में ही रहे। इसके बाद वे बिहार के पूर्णिया जिले में रहने लगे। पूर्णिया में रहने के दौरान उनके परिवार में दो बच्चों का जन्म हुआ। दंपती की एक डेढ़ वर्ष की बेटी और चार माह का बेटा है। बताया जाता है कि पूर्णिया में रहने के दौरान अश्विनी ने धर्म परिवर्तन कर लिया था। पहले उसका नाम अश्विनी सिंह था, जिसे बदलकर उसने अश्विनी अहमद रख लिया। धर्म परिवर्तन के बाद वह अपनी पत्नी के गांव इस्लामपुर में रहने लगा था। पिछले करीब दस महीनों से वह वहीं रह रहा था और बिजली मिस्त्री का काम करता था। परिजनों के अनुसार शनिवार को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया जाता है कि अश्विनी नशे का आदी था और शनिवार को उसने अपनी पत्नी से पैसे की मांग की थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के बाद वह घर से यह कहकर निकला कि वह अपने घर जा रहा है, लेकिन बाद में वह प्रतापगंज बाजार स्थित जामा मस्जिद पहुंच गया। रात करीब 10 बजे युवक मस्जिद आया
जामा मस्जिद के इमाम इम्तियाज आलम ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे युवक मस्जिद आया और यहां रुकने की बात कही। मानवीय आधार पर उसे मस्जिद के एक कमरे में ठहरने की अनुमति दे दी गई। रविवार सुबह करीब आठ बजे उसे जगाया गया था। कुछ देर वह बाहर बैठा रहा और फिर चला गया। इमाम ने बताया कि रमजान का महीना होने के कारण वे अपने काम में व्यस्त थे। बाद में जब लोग नमाज के लिए मस्जिद पहुंचे तो शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद मिला। जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो लोगों ने उसे तोड़ दिया। दरवाजा टूटने पर अंदर युवक का शव पड़ा मिला। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में भीड़ जमा हो गई। लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
बीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि युवक का शव मस्जिद के शौचालय से बरामद किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।  

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