बेतिया जिले से पुलिस की बर्बरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। लौरिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़के राजकुमार महतो के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप है। पीड़ित परिवार ने इस मामले को लेकर चंपारण क्षेत्र के डीआईजी हरकिशोर राय को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, यह घटना एक जमीन विवाद से जुड़ी है। राजकुमार महतो और उनके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि सोनू ठाकुर और मोनू ठाकुर नामक व्यक्तियों ने उनके घर से सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री चुरा ली। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि जिस जमीन पर उनका घर बना है, वह उनकी अपनी है। परिवार का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने और गोली मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने आवेदन लेने से किया इनकार घटना के अगले दिन जब पीड़ित परिवार शिकायत दर्ज कराने लौरिया थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया। इसी दौरान पुलिस ने राजकुमार महतो को पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों का कहना था कि राजकुमार अक्सर उनके घर पर आने-जाने का वीडियो बनाता है, जिससे वे नाराज थे। जूतों से पुलिस ने पैरों को दबाया
राजकुमार के माता-पिता ने बताया कि उनके बेटे को थाने के अंदर बेरहमी से पीटा गया। उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और वर्तमान में उस पर पट्टियां बंधी हुई हैं। राजकुमार ने स्वयं बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसे जमीन पर गिराकर जूतों से उसके पैरों को दबाया और लाठियों से पीटा।
पीड़ित नाबालिग ने यह भी आरोप लगाया कि उसे लगातार धमकाया गया कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो उसे फिर से उठाकर ले जाया जाएगा और गोली मार दी जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बेतिया जिले से पुलिस की बर्बरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। लौरिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़के राजकुमार महतो के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप है। पीड़ित परिवार ने इस मामले को लेकर चंपारण क्षेत्र के डीआईजी हरकिशोर राय को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, यह घटना एक जमीन विवाद से जुड़ी है। राजकुमार महतो और उनके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि सोनू ठाकुर और मोनू ठाकुर नामक व्यक्तियों ने उनके घर से सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री चुरा ली। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि जिस जमीन पर उनका घर बना है, वह उनकी अपनी है। परिवार का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने और गोली मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने आवेदन लेने से किया इनकार घटना के अगले दिन जब पीड़ित परिवार शिकायत दर्ज कराने लौरिया थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया। इसी दौरान पुलिस ने राजकुमार महतो को पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों का कहना था कि राजकुमार अक्सर उनके घर पर आने-जाने का वीडियो बनाता है, जिससे वे नाराज थे। जूतों से पुलिस ने पैरों को दबाया
राजकुमार के माता-पिता ने बताया कि उनके बेटे को थाने के अंदर बेरहमी से पीटा गया। उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और वर्तमान में उस पर पट्टियां बंधी हुई हैं। राजकुमार ने स्वयं बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसे जमीन पर गिराकर जूतों से उसके पैरों को दबाया और लाठियों से पीटा।
पीड़ित नाबालिग ने यह भी आरोप लगाया कि उसे लगातार धमकाया गया कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो उसे फिर से उठाकर ले जाया जाएगा और गोली मार दी जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


