कैमूर के मोहनिया में एक नाबालिग बच्ची की मौत ट्रेन के चपेट में आने से हो गई। जिसके बाद प्रशासन की टीम पर शव को स्ट्रेचर के बजाय प्लास्टिक में बांधकर ले जाने का आरोप लगा है। पूरी घटना पंडित दीनदयाल गया जी रेलखंड स्थित भभुआ रोड स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर पूरब अप लाइन के पास की है।
आरपीएफ को दी गई घटना की सूचना बच्ची की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन मास्टर ने आरपीएफ पुलिस को ट्रेन दुर्घटना की सूचना दी थी। घटनास्थल मोहनिया थाना क्षेत्र में होने के कारण आरपीएफ ने मोहनिया थाना को सूचित किया। इसके बाद मोहनिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। यह घटना रेलवे ट्रैक पर पोल संख्या 619/1A के पास हुई थी।
पहचान न होने पर होगा अंतिम संस्कार थानाध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के बाद पोस्टमार्टम के बाद पहचान के लिए शव को 72 घंटे तक मोर्चरी हाउस में रखा जाएगा। यदि 72 घंटे के भीतर शव की पहचान नहीं हो पाती है, तो पुलिस द्वारा उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। कैमूर के मोहनिया में एक नाबालिग बच्ची की मौत ट्रेन के चपेट में आने से हो गई। जिसके बाद प्रशासन की टीम पर शव को स्ट्रेचर के बजाय प्लास्टिक में बांधकर ले जाने का आरोप लगा है। पूरी घटना पंडित दीनदयाल गया जी रेलखंड स्थित भभुआ रोड स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर पूरब अप लाइन के पास की है।
आरपीएफ को दी गई घटना की सूचना बच्ची की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन मास्टर ने आरपीएफ पुलिस को ट्रेन दुर्घटना की सूचना दी थी। घटनास्थल मोहनिया थाना क्षेत्र में होने के कारण आरपीएफ ने मोहनिया थाना को सूचित किया। इसके बाद मोहनिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। यह घटना रेलवे ट्रैक पर पोल संख्या 619/1A के पास हुई थी।
पहचान न होने पर होगा अंतिम संस्कार थानाध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के बाद पोस्टमार्टम के बाद पहचान के लिए शव को 72 घंटे तक मोर्चरी हाउस में रखा जाएगा। यदि 72 घंटे के भीतर शव की पहचान नहीं हो पाती है, तो पुलिस द्वारा उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।


