मुंगेर के गुलजार पोखर स्थित मां काली मंदिर में शुक्रवार को मुकुट चोरी का प्रयास करते एक नाबालिग को स्थानीय लोगों ने पकड़ा। पुलिस को सौंपे जाने के बाद पूछताछ में चोरी के जेवर खरीदने और गलाने वाले पिता-पुत्र को भी गिरफ्तार किया गया। इस मामले का खुलासा सदर डीएसपी अभिषेक कुमार ने कोतवाली थाना में किया। इस दौरान थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी भी मौजूद रहे। डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि काली मंदिर में एक नाबालिग मुकुट चोरी कर भागने का प्रयास कर रहा था। लोगों को संदेह होने पर उसे पकड़ लिया गया और तलाशी में मंदिर का मुकुट बरामद हुआ। मुकुट का हिस्सा 2500 रुपए में बेचा इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नाबालिग को संरक्षण में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसने मुकुट का कुछ हिस्सा तोड़कर नौवागढ़ी के एक सोनार को 2500 रुपये में बेचा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने नौवागढ़ी स्थित ज्वेलरी दुकान के मालिक और उसके बेटे को चोरी के जेवर खरीदने और गलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। घटना की सूचना फैलते ही मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और उनमें आक्रोश भी देखा गया। कोतवाली थाना में केस दर्ज काली पूजा समिति के सदस्य विक्रम राज सोलंकी ने कोतवाली थाना में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने नाबालिग को लेकर उसके घर पर भी छापेमारी की, लेकिन वहां से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने नौवागढ़ी स्थित एक जेवरात दुकान पर छापेमारी की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि लगभग 10 दिन पहले उसी काली मंदिर से उसी नाबालिग ने चांदी का पान चोरी कर उसी दुकान पर बेचा गया था। पुलिस ने चोरी के जेवर खरीदने और गलाने के आरोप में सिल्हा मनियारचक निवासी सौरव कुमार और उसके पिता सच्चिदानंद साह को गिरफ्तार कर लिया। जेवर गलाने का काम करते है पिता-पुत्र
पुलिस ने बताया नाबालिग मंदिर से मुकुट चोरी करने की कोशिश कर रहा था, जबकि पिता-पुत्र चोरी के जेवर खरीदकर उन्हें गलाने का काम करते थे। फिलहाल तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
डीएसपी ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष सहित पूरी टीम की सराहना की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य के लिए संबंधित पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करने हेतु वरीय पुलिस अधिकारियों को अनुशंसा भेजी जाएगी। मुंगेर के गुलजार पोखर स्थित मां काली मंदिर में शुक्रवार को मुकुट चोरी का प्रयास करते एक नाबालिग को स्थानीय लोगों ने पकड़ा। पुलिस को सौंपे जाने के बाद पूछताछ में चोरी के जेवर खरीदने और गलाने वाले पिता-पुत्र को भी गिरफ्तार किया गया। इस मामले का खुलासा सदर डीएसपी अभिषेक कुमार ने कोतवाली थाना में किया। इस दौरान थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी भी मौजूद रहे। डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि काली मंदिर में एक नाबालिग मुकुट चोरी कर भागने का प्रयास कर रहा था। लोगों को संदेह होने पर उसे पकड़ लिया गया और तलाशी में मंदिर का मुकुट बरामद हुआ। मुकुट का हिस्सा 2500 रुपए में बेचा इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नाबालिग को संरक्षण में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसने मुकुट का कुछ हिस्सा तोड़कर नौवागढ़ी के एक सोनार को 2500 रुपये में बेचा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने नौवागढ़ी स्थित ज्वेलरी दुकान के मालिक और उसके बेटे को चोरी के जेवर खरीदने और गलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। घटना की सूचना फैलते ही मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और उनमें आक्रोश भी देखा गया। कोतवाली थाना में केस दर्ज काली पूजा समिति के सदस्य विक्रम राज सोलंकी ने कोतवाली थाना में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने नाबालिग को लेकर उसके घर पर भी छापेमारी की, लेकिन वहां से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने नौवागढ़ी स्थित एक जेवरात दुकान पर छापेमारी की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि लगभग 10 दिन पहले उसी काली मंदिर से उसी नाबालिग ने चांदी का पान चोरी कर उसी दुकान पर बेचा गया था। पुलिस ने चोरी के जेवर खरीदने और गलाने के आरोप में सिल्हा मनियारचक निवासी सौरव कुमार और उसके पिता सच्चिदानंद साह को गिरफ्तार कर लिया। जेवर गलाने का काम करते है पिता-पुत्र
पुलिस ने बताया नाबालिग मंदिर से मुकुट चोरी करने की कोशिश कर रहा था, जबकि पिता-पुत्र चोरी के जेवर खरीदकर उन्हें गलाने का काम करते थे। फिलहाल तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
डीएसपी ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष सहित पूरी टीम की सराहना की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य के लिए संबंधित पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करने हेतु वरीय पुलिस अधिकारियों को अनुशंसा भेजी जाएगी।


