बिहार में मंत्रियों और विधायकों को अब 2-2 सरकारी आवास मिलेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 जनवरी को कैबिनेट में इसकी मंजूरी दे दी। इस नियम से सीनियर विधायकों को मंत्री वाला बंगला मिल सकता है। वहीं, मंत्रियों को मंत्री आवास के अलावा उनके क्षेत्र के लिए आवंटित आवास भी मिल सकता है। इस कानून से क्या राबड़ी देवी को आवास खाली करने से राहत मिल सकती है। इस नियम से किसे फायदा होगा। 5-स्टार होटल जैसा घर मिलने के बाद विधायकों को दूसरा बंगला क्या देना चाहिए। इन सवालों का जवाब जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः नीतीश सरकार के सरकारी बंगला को लेकर नया नियम क्या है? जवाबः 13 जनवरी को नीतीश कैबिनेट ने 2 नियमों को मंजूरी दी। पहला- सीनियर विधायक और विधान परिषद (जो फिलहाल मंत्री नहीं है) को विधानमंडल पूल के तहत अलॉट आवास के अलावा पटना केन्द्रीय पूल से आवास मिलेगा। इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से तय किराया देना होगा। इसका मतलब हुआ कि MLA-MLC को सरकार एक सरकारी बंगला देगी। इसके तहत कुल 15 आवास अलॉट किए जाएंगे। दूसरा- मंत्री, बिहार विधान परिषद के सभापति एवं उप सभापति तथा बिहार विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को कुछ शर्तों के साथ पटना केंद्रीय पूल से पहले से आवंटित आवास के अलावा विधानमंडल पूल के तहत आने वाले विधायक/पार्षद फ्लैट दिए जाएंगे। इस नियम से मंत्रियों को दूसरा आवास देने का रास्ता साफ किया गया है। सवाल-2ः सरकार ने नियम क्यों बनाया? इससे किसको फायदा होगा? जवाबः एक्सपर्ट इसके पीछे 2 बड़े मकसद बताते हैं… 1. नेताओं को खुश करने की कोशिश सीनियर जर्नलिस्ट अभिरंजन कुमार कहते हैं, ‘नीतीश सरकार के इस फैसले को नेताओं को खुश करने की कोशिश के रूप में देख सकते हैं। कुछ मंत्रियों को पहले भी दो आवास मिलता रहा है। जो नियम के खिलाफ था। हाल में बिहार में बंगला को लेकर विवाद भी हुआ था। उसे खत्म करने के लिए अब नियम बना दिया गया।’ अभिरंजन कुमार कहते हैं, ‘यह पूरी तरह से नीतीश कुमार की मैनेज वाली पॉलिटिक्स का हिस्सा है। इस नियम के सहारे जिन सीनियर नेताओं को मंत्री नहीं बनाया जायेगा, उन्हें ऐसे बंगला देकर साधने की कोशिश की जाएगी। अब देखना है कि सरकार किसे यह बंगला देती है।’ 2. सरकार की बंगला पॉलिसी से विधायक नाराज थे सूचना है कि सरकार की नई बंगला पॉलिसी से कुछ सीनियर विधायक नाराज थे। उनका कहना था कि बंगला में सिनियरिटी का ख्याल नहीं रखा गया है। पहली बार जीतने वाले विधायक को जैसा आवास मिल रहा है, वैसा ही छठी बार जीतने वाले को भी। किसे मिल सकता है फायदाः अनंत सिंह, अमरेंद्र पांडेय, शीला मंडल, जयंत राज, नीरज कुमार बबलू, नीतीश मिश्रा, जनक राम, तारकिशोर प्रसाद, महेश्वर हजारी, रेणु देवी, रत्नेश सदा आदि। सरकार ने कोई शर्त नहीं लगाई है। यानी टॉप लीडरशिप की जिस पर कृपा बरसेगी उसे मंत्री वाला बंगला मिल जाएगा। RJD ने जताया कड़ा एतराज सवाल-3ः नए नियम से राबड़ी देवी को आवास खाली करने से राहत मिल सकती है? जवाबः नहीं। उन्हें 10 सर्कुलर रोड वाले सरकारी बंगले को खाली करना ही होगा। इसे ऐसे समझिए… हालांकि, एक फैक्ट यह भी है कि सरकार ने राबड़ी देवी को अब तक 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली करने का नोटिस नहीं दिया है। सिर्फ नया बंगला आवंटित किया है। जब तक सरकार नोटिस नहीं देगी, बंगला खाली करने का प्रोसेस चालू नहीं होगा। सवाल-4ः बिहार में विधायकों को क्या-क्या सुविधा मिलती है? जवाबः बिहार में विधायकों और मंत्रियों के लिए शाही इंतजाम हैं। 5 स्टार होटल जैसा घर, मुफ्त इलाज, ट्रेन-फ्लाइट से मुफ्त यात्रा। बिहार में मंत्रियों और विधायकों को अब 2-2 सरकारी आवास मिलेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 जनवरी को कैबिनेट में इसकी मंजूरी दे दी। इस नियम से सीनियर विधायकों को मंत्री वाला बंगला मिल सकता है। वहीं, मंत्रियों को मंत्री आवास के अलावा उनके क्षेत्र के लिए आवंटित आवास भी मिल सकता है। इस कानून से क्या राबड़ी देवी को आवास खाली करने से राहत मिल सकती है। इस नियम से किसे फायदा होगा। 5-स्टार होटल जैसा घर मिलने के बाद विधायकों को दूसरा बंगला क्या देना चाहिए। इन सवालों का जवाब जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः नीतीश सरकार के सरकारी बंगला को लेकर नया नियम क्या है? जवाबः 13 जनवरी को नीतीश कैबिनेट ने 2 नियमों को मंजूरी दी। पहला- सीनियर विधायक और विधान परिषद (जो फिलहाल मंत्री नहीं है) को विधानमंडल पूल के तहत अलॉट आवास के अलावा पटना केन्द्रीय पूल से आवास मिलेगा। इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से तय किराया देना होगा। इसका मतलब हुआ कि MLA-MLC को सरकार एक सरकारी बंगला देगी। इसके तहत कुल 15 आवास अलॉट किए जाएंगे। दूसरा- मंत्री, बिहार विधान परिषद के सभापति एवं उप सभापति तथा बिहार विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को कुछ शर्तों के साथ पटना केंद्रीय पूल से पहले से आवंटित आवास के अलावा विधानमंडल पूल के तहत आने वाले विधायक/पार्षद फ्लैट दिए जाएंगे। इस नियम से मंत्रियों को दूसरा आवास देने का रास्ता साफ किया गया है। सवाल-2ः सरकार ने नियम क्यों बनाया? इससे किसको फायदा होगा? जवाबः एक्सपर्ट इसके पीछे 2 बड़े मकसद बताते हैं… 1. नेताओं को खुश करने की कोशिश सीनियर जर्नलिस्ट अभिरंजन कुमार कहते हैं, ‘नीतीश सरकार के इस फैसले को नेताओं को खुश करने की कोशिश के रूप में देख सकते हैं। कुछ मंत्रियों को पहले भी दो आवास मिलता रहा है। जो नियम के खिलाफ था। हाल में बिहार में बंगला को लेकर विवाद भी हुआ था। उसे खत्म करने के लिए अब नियम बना दिया गया।’ अभिरंजन कुमार कहते हैं, ‘यह पूरी तरह से नीतीश कुमार की मैनेज वाली पॉलिटिक्स का हिस्सा है। इस नियम के सहारे जिन सीनियर नेताओं को मंत्री नहीं बनाया जायेगा, उन्हें ऐसे बंगला देकर साधने की कोशिश की जाएगी। अब देखना है कि सरकार किसे यह बंगला देती है।’ 2. सरकार की बंगला पॉलिसी से विधायक नाराज थे सूचना है कि सरकार की नई बंगला पॉलिसी से कुछ सीनियर विधायक नाराज थे। उनका कहना था कि बंगला में सिनियरिटी का ख्याल नहीं रखा गया है। पहली बार जीतने वाले विधायक को जैसा आवास मिल रहा है, वैसा ही छठी बार जीतने वाले को भी। किसे मिल सकता है फायदाः अनंत सिंह, अमरेंद्र पांडेय, शीला मंडल, जयंत राज, नीरज कुमार बबलू, नीतीश मिश्रा, जनक राम, तारकिशोर प्रसाद, महेश्वर हजारी, रेणु देवी, रत्नेश सदा आदि। सरकार ने कोई शर्त नहीं लगाई है। यानी टॉप लीडरशिप की जिस पर कृपा बरसेगी उसे मंत्री वाला बंगला मिल जाएगा। RJD ने जताया कड़ा एतराज सवाल-3ः नए नियम से राबड़ी देवी को आवास खाली करने से राहत मिल सकती है? जवाबः नहीं। उन्हें 10 सर्कुलर रोड वाले सरकारी बंगले को खाली करना ही होगा। इसे ऐसे समझिए… हालांकि, एक फैक्ट यह भी है कि सरकार ने राबड़ी देवी को अब तक 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली करने का नोटिस नहीं दिया है। सिर्फ नया बंगला आवंटित किया है। जब तक सरकार नोटिस नहीं देगी, बंगला खाली करने का प्रोसेस चालू नहीं होगा। सवाल-4ः बिहार में विधायकों को क्या-क्या सुविधा मिलती है? जवाबः बिहार में विधायकों और मंत्रियों के लिए शाही इंतजाम हैं। 5 स्टार होटल जैसा घर, मुफ्त इलाज, ट्रेन-फ्लाइट से मुफ्त यात्रा।


