चित्तौड़गढ़ की प्रभारी मंत्री मंजू बाघमार सोमवार शाम चित्तौड़गढ़ पहुंचीं। जिले में आने के बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और आने वाले राज्य बजट को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य ऐसा बजट लाना है, जो हर वर्ग के लिए उपयोगी हो। इसी उद्देश्य से जिले के अलग-अलग वर्गों से सीधे सुझाव लिए गए हैं। बजट सुझावों पर जोर, सभी वर्गों की भागीदारी मंजू बाघमार ने बताया कि आगामी बजट को अच्छा बनाने के लिए चित्तौड़गढ़ जिले में व्यापारी वर्ग, महिला वर्ग, किसान, युवा और व्यवसाय से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया। सभी से उनके-अपने क्षेत्र से जुड़े सुझाव लिए गए, ताकि जमीनी जरूरतों को बजट में शामिल किया जा सके। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में इसी तरह प्रभारी मंत्रियों को भेजा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों की बात सीधे सरकार तक पहुंचे। इन सुझावों को एकत्र कर सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाला बजट हर वर्ग की उम्मीदों पर खरा उतर सके। पिछले बजट के अटके कामों को लेकर की मीटिंग बैठक में पिछले बजट की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं की घोषणा तो हुई, लेकिन किसी कारणवश वे पूरी तरह लागू नहीं हो पाईं या जिनमें व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं, उनकी पहचान की गई है। इन कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए कानून और उनमें किए गए संशोधनों की जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी गई। मंत्री ने बताया कि इन संशोधनों का उद्देश्य योजनाओं को ज्यादा प्रभावी और लोगों के लिए सरल बनाना है। किसान, नदी और विकास परियोजनाओं पर मिले सुझाव मीटिंग के दौरान मुख्य रूप से रिवर फ्रंट परियोजना को लेकर सुझाव सामने आए। किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी कई अहम सुझाव मिले। इसके अलावा जीएसटी, डेम परियोजनाओं, विशेष रूप से गंभीरी डेम को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि इन सभी सुझावों को गंभीरता से नोट किया गया है और सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उद्देश्य यही है कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर बाधा न आए और जिले की जरूरतों के अनुसार फैसले लिए जाएं। मनरेगा और रोजगार व्यवस्था में सुधार की बात मंजू बाघमार ने मनरेगा योजना को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। पहले जहां 100 दिन का रोजगार था, उसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। बेरोजगारों को समय पर मजदूरी न मिलने की समस्या को गंभीरता से लिया गया है और अब भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभा स्तर पर पूरे काम का प्लान तैयार होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और काम भी समय पर पूरा हो। इन सुधारों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और भरोसा दोनों मजबूत होंगे। बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी प्रभारी मंत्री के जिले में पहुंचने पर कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, बेगूं विधायक सुरेश धाकड़, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, बीजेपी जिलाध्यक्ष रतन गाडरी, जिला महामंत्री हर्षवर्धन रूद, रघु शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।


