केएफडी की दवा का क्लिनिकल ट्रायल जारी : मंत्री गुंडूराव

केएफडी की दवा का क्लिनिकल ट्रायल जारी : मंत्री गुंडूराव

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज KFD (केएफडी) की दवा का क्लिनिकल ट्रायल जारी है। ट्रायल पूरा होने और विशेषज्ञों की मंज़ूरी मिलने के बाद यह दवा तय प्रक्रिया के अनुसार सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगी।

बुखार, सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें

मंत्री ने शिवमोग्गा दौरे के दौरान विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में संक्रमण की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मलनाड क्षेत्र और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की कि बुखार, सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

उन्होंने अधिकारियों को जन-जागरूकता बढ़ाने और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि तीर्थहल्ली तालुक के एक केएफडी संक्रमित व्यक्ति की कुछ दिन पहले ही उडुपी के एक निजी अस्पताल में मौत हुई है। हालांकि, मौत का सटिक कारण स्पष्ट नहीं है। वहीं चिक्कमगलुरु जिले में जनवरी में नौ लोग संक्रमित पाए गए।

सात माह की बच्ची सहित केएफडी के नौ मामले

चिक्कमगलूरु जिले में इस वर्ष अब तक क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज (केएफडी) यानी मंकी फीवर के कुल नौ मामले सामने आए हैं। इनमें एक सात माह की बच्ची भी शामिल है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, एन.आर. पुर तालुक की सात माह की बच्ची बुधवार को केएफडी से संक्रमित पाई गई। बच्ची का इलाज कोप्पा स्थित सरकारी अस्पताल में चल रहा है। इसी तालुक के एक 36 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट 23 जनवरी को पॉजिटिव आई थी, जिसका उपचार भी कोप्पा अस्पताल में जारी है।
इसके अलावा, इसी माह एन.आर. पुर तालुक के चार अन्य लोग और कोप्पा का एक व्यक्ति भी संक्रमित पाया गया था। सभी का इलाज पूरा हो चुका है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल जिले में केवल दो सक्रिय मामले हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *