औरंगाबाद में 19 महिला ड्राइवर्स को मंत्री ने दिया प्रमाणपत्र:जल्द थामेंगी पिंक बसों की स्टेयरिंग, 206 और महिला ड्राइवरों की होगी बहाली

औरंगाबाद में 19 महिला ड्राइवर्स को मंत्री ने दिया प्रमाणपत्र:जल्द थामेंगी पिंक बसों की स्टेयरिंग, 206 और महिला ड्राइवरों की होगी बहाली

बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार रविवार को औरंगाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने बियाड़ा परिसर स्थित IDTR (इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च) के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रोत्साहन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने IDTR में ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके 19 युवतियों को प्रमाण पत्र दिया। अब ये महिलाएं जल्द ही राज्य में जारी पिंक बस योजना के तहत बसों की स्टेयरिंग संभालेंगी। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आज औरंगाबाद में दो बड़े और महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। एक ओर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से पहले से बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर महिलाओं के लिए विशेष ‘पिंक बस’ योजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य के छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 100 पिंक बसों का परिचालन किया जा रहा है। पिंक बसों की स्टेयरिंग संभालेंगी महिला ड्राइवर, 225 महिला चालकों की होगी बहाली मंत्री ने कहा कि वर्तमान में IDTR में 225 ड्राइवरों की आवश्यकता है, जबकि अभी केवल 19 महिला ड्राइवर उपलब्ध हैं। शेष पदों के लिए बहाली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित करें। मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने परिवहन विभाग का प्रभार ग्रहण किया तो उनके मन में विचार आया कि जब बसें महिलाओं के लिए चलाई जा रही हैं, तो इन बसों के पायलट और को-पायलट भी महिलाएं ही क्यों न हों? इसी सोच के तहत अधिकारियों को निर्देश दिया गया, जिसके बाद इस दिशा में तेजी से काम शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण के एक महीने के भीतर ही 19 बेटियों को ड्राइविंग ट्रेनिंग के लिए चयनित किया गया और उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह अपने आप में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में केवल महिला सशक्तिकरण ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों और सभी धर्मों के लिए समान रूप से विकास कार्य किए गए हैं। सरकार की सोच है कि समाज के हर तबके का ध्यान रखा जाए। जिन लोगों ने सरकार को समर्थन दिया है, उनके लिए भी योजनाएं हैं और जो विरोध करते हैं, उनके लिए भी वही योजनाएं चलाई जा रही हैं। “सबका विकास, सबकी तरक्की” के सिद्धांत पर सरकार काम कर रही है और इसी कारण पिछले 20 वर्षों से जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पिंक बसों में महिला चालक और कंडक्टर की नियुक्ति पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश देगी। यह मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बिहार आज महिलाओं को आगे बढ़ाने के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। आज आईडीटीआर में ट्रैफिक और ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद हैं, जो बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। पूरे देश में सबसे अधिक बिहार में ही महिला पुलिस उन्होंने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां 44 हजार से अधिक महिलाएं पुलिस बल में कार्यरत हैं। पहले स्थिति यह थी कि गिने-चुने थानों में ही महिला पुलिसकर्मी होती थीं और किसी महिला अपराधी की गिरफ्तारी के लिए दूसरे थाने या पुलिस लाइन से महिला पुलिस बुलानी पड़ती थी। लेकिन अब राज्य के लगभग सभी थानों में पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की जा चुकी है। मंत्री ने कहा कि पुलिस बहाली की प्रक्रिया भी तेज गति से चल रही है। दरोगा बहाली के बाद राजगीर में प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित अधिकारियों को विभिन्न थानों में पदस्थापित किया गया है। पहले बिहार में पुलिस प्रशिक्षण के लिए केवल एक ही केंद्र था, लेकिन अब राजगीर में भी प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया गया है और आगे अन्य स्थानों पर भी प्रशिक्षण केंद्र बनाए जा रहे हैं। IDTR में ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं के ठहरने के लिए हॉस्टल की व्यवस्था मंत्री ने IDTR परिसर में महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा नहीं होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसके कारण प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं को काफी परेशानी होती है। इस संबंध में उन्होंने प्रशासक को निर्देश दिया है और जल्द से जल्द महिला हॉस्टल की व्यवस्था करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बाहर रहने की जरूरत न पड़े। एक करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में रोजगार के लिए डाले गए दस हजार रुपए ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि वे पिछले 15 वर्षों से ग्रामीण विकास विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं और इस दौरान विभाग ने कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 11 लाख से अधिक जीविका समूह बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है और उनके रोजगार के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी गई है।उन्होंने कहा कि आज एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपए दिए गए हैं और जो महिलाएं सफलतापूर्वक रोजगार शुरू कर चुकी हैं, उन्हें आगे दो-दो लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी। इसका सकारात्मक असर यह है कि अब केवल गरीब ही नहीं, बल्कि संपन्न परिवारों की महिलाएं भी जीविका समूह से जुड़ना चाह रही हैं। महिला शिक्षा को मिल रहा है बढ़ावा मंत्री ने बालिका शिक्षा पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2000 में शुरू की गई बालिका साइकिल योजना का बड़ा असर देखने को मिला है। उस समय नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़कियों की संख्या जहां मात्र 1.70 लाख थी, वहीं आज यह संख्या बढ़कर लगभग 9 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि अब मैट्रिक पास छात्राओं को 10 हजार, इंटर पास को 25 हजार और स्नातक पास छात्राओं को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कार्यक्रम के बाद मंत्री ने की बस की सवारी कार्यक्रम के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने पिंक बस की सवारी भी की, जिसे महिला चालकों द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला चालक पटना के पुनपुन की रहने वाली रागिनी ने बताया कि जब लोगों से बस चलते देखते हैं तो लोगों को विश्वास नहीं होता है कि वह बस को हैंडल कर लेगी। उसने कहा कि मुसहर जाति से होने के कारण उसे काफी जिल्लत झेलना पड़ता था। अब सरकार की मदद से उसके हाथ में हुनर है और वह स्वावलंबी बन चुकी है। इस मौके पर रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के मुख्य प्रशासक सुभाष नारायण, डीटीओ सुनंदा कुमारी, प्रशिक्षक गौरव कुमार, अभिषेक कुमार, विद्यासागर कुमार सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार रविवार को औरंगाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने बियाड़ा परिसर स्थित IDTR (इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च) के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रोत्साहन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने IDTR में ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके 19 युवतियों को प्रमाण पत्र दिया। अब ये महिलाएं जल्द ही राज्य में जारी पिंक बस योजना के तहत बसों की स्टेयरिंग संभालेंगी। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आज औरंगाबाद में दो बड़े और महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। एक ओर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से पहले से बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर महिलाओं के लिए विशेष ‘पिंक बस’ योजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य के छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 100 पिंक बसों का परिचालन किया जा रहा है। पिंक बसों की स्टेयरिंग संभालेंगी महिला ड्राइवर, 225 महिला चालकों की होगी बहाली मंत्री ने कहा कि वर्तमान में IDTR में 225 ड्राइवरों की आवश्यकता है, जबकि अभी केवल 19 महिला ड्राइवर उपलब्ध हैं। शेष पदों के लिए बहाली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित करें। मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने परिवहन विभाग का प्रभार ग्रहण किया तो उनके मन में विचार आया कि जब बसें महिलाओं के लिए चलाई जा रही हैं, तो इन बसों के पायलट और को-पायलट भी महिलाएं ही क्यों न हों? इसी सोच के तहत अधिकारियों को निर्देश दिया गया, जिसके बाद इस दिशा में तेजी से काम शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण के एक महीने के भीतर ही 19 बेटियों को ड्राइविंग ट्रेनिंग के लिए चयनित किया गया और उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह अपने आप में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में केवल महिला सशक्तिकरण ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों और सभी धर्मों के लिए समान रूप से विकास कार्य किए गए हैं। सरकार की सोच है कि समाज के हर तबके का ध्यान रखा जाए। जिन लोगों ने सरकार को समर्थन दिया है, उनके लिए भी योजनाएं हैं और जो विरोध करते हैं, उनके लिए भी वही योजनाएं चलाई जा रही हैं। “सबका विकास, सबकी तरक्की” के सिद्धांत पर सरकार काम कर रही है और इसी कारण पिछले 20 वर्षों से जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पिंक बसों में महिला चालक और कंडक्टर की नियुक्ति पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश देगी। यह मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बिहार आज महिलाओं को आगे बढ़ाने के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। आज आईडीटीआर में ट्रैफिक और ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद हैं, जो बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। पूरे देश में सबसे अधिक बिहार में ही महिला पुलिस उन्होंने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां 44 हजार से अधिक महिलाएं पुलिस बल में कार्यरत हैं। पहले स्थिति यह थी कि गिने-चुने थानों में ही महिला पुलिसकर्मी होती थीं और किसी महिला अपराधी की गिरफ्तारी के लिए दूसरे थाने या पुलिस लाइन से महिला पुलिस बुलानी पड़ती थी। लेकिन अब राज्य के लगभग सभी थानों में पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की जा चुकी है। मंत्री ने कहा कि पुलिस बहाली की प्रक्रिया भी तेज गति से चल रही है। दरोगा बहाली के बाद राजगीर में प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित अधिकारियों को विभिन्न थानों में पदस्थापित किया गया है। पहले बिहार में पुलिस प्रशिक्षण के लिए केवल एक ही केंद्र था, लेकिन अब राजगीर में भी प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया गया है और आगे अन्य स्थानों पर भी प्रशिक्षण केंद्र बनाए जा रहे हैं। IDTR में ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं के ठहरने के लिए हॉस्टल की व्यवस्था मंत्री ने IDTR परिसर में महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा नहीं होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसके कारण प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं को काफी परेशानी होती है। इस संबंध में उन्होंने प्रशासक को निर्देश दिया है और जल्द से जल्द महिला हॉस्टल की व्यवस्था करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बाहर रहने की जरूरत न पड़े। एक करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में रोजगार के लिए डाले गए दस हजार रुपए ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि वे पिछले 15 वर्षों से ग्रामीण विकास विभाग का नेतृत्व कर रहे हैं और इस दौरान विभाग ने कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 11 लाख से अधिक जीविका समूह बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है और उनके रोजगार के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी गई है।उन्होंने कहा कि आज एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपए दिए गए हैं और जो महिलाएं सफलतापूर्वक रोजगार शुरू कर चुकी हैं, उन्हें आगे दो-दो लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी। इसका सकारात्मक असर यह है कि अब केवल गरीब ही नहीं, बल्कि संपन्न परिवारों की महिलाएं भी जीविका समूह से जुड़ना चाह रही हैं। महिला शिक्षा को मिल रहा है बढ़ावा मंत्री ने बालिका शिक्षा पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2000 में शुरू की गई बालिका साइकिल योजना का बड़ा असर देखने को मिला है। उस समय नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़कियों की संख्या जहां मात्र 1.70 लाख थी, वहीं आज यह संख्या बढ़कर लगभग 9 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि अब मैट्रिक पास छात्राओं को 10 हजार, इंटर पास को 25 हजार और स्नातक पास छात्राओं को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कार्यक्रम के बाद मंत्री ने की बस की सवारी कार्यक्रम के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने पिंक बस की सवारी भी की, जिसे महिला चालकों द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला चालक पटना के पुनपुन की रहने वाली रागिनी ने बताया कि जब लोगों से बस चलते देखते हैं तो लोगों को विश्वास नहीं होता है कि वह बस को हैंडल कर लेगी। उसने कहा कि मुसहर जाति से होने के कारण उसे काफी जिल्लत झेलना पड़ता था। अब सरकार की मदद से उसके हाथ में हुनर है और वह स्वावलंबी बन चुकी है। इस मौके पर रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के मुख्य प्रशासक सुभाष नारायण, डीटीओ सुनंदा कुमारी, प्रशिक्षक गौरव कुमार, अभिषेक कुमार, विद्यासागर कुमार सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।  

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