पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने मोतिहारी में हुए जहरीली शराब कांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हालांकि, उन्होंने सरकारी कार्यक्रम का हवाला देते हुए पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री प्रकाश ने कहा कि वे इस घटना से बेहद आहत हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हैं। जब पत्रकारों ने उनसे पीड़ित परिवारों से न मिलने का कारण पूछा, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्रम सरकारी था, जिसके कारण वे वहां नहीं जा सके। लोगों के जीवन की रक्षा करने का प्रयास किया
मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार ने शराबबंदी लागू कर लोगों के जीवन की रक्षा करने का प्रयास किया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिन राज्यों में शराबबंदी नहीं है, वहां ऐसी घटनाओं में मरने वालों की संख्या अधिक है। उनका कहना था कि शराबबंदी का मुख्य उद्देश्य लोगों को शराब के सेवन से रोकना और ऐसी दुखद घटनाओं से बचाना है। दूसरों को भी शराब से दूर रहने के लिए प्रेरित करें
उन्होंने आगे कहा कि सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे जहरीली शराब का सेवन करता है, तो यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है। मंत्री ने समाज से भी अपील की कि लोग स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी शराब से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। अंत में, उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने मोतिहारी में हुए जहरीली शराब कांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हालांकि, उन्होंने सरकारी कार्यक्रम का हवाला देते हुए पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री प्रकाश ने कहा कि वे इस घटना से बेहद आहत हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हैं। जब पत्रकारों ने उनसे पीड़ित परिवारों से न मिलने का कारण पूछा, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्रम सरकारी था, जिसके कारण वे वहां नहीं जा सके। लोगों के जीवन की रक्षा करने का प्रयास किया
मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार ने शराबबंदी लागू कर लोगों के जीवन की रक्षा करने का प्रयास किया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिन राज्यों में शराबबंदी नहीं है, वहां ऐसी घटनाओं में मरने वालों की संख्या अधिक है। उनका कहना था कि शराबबंदी का मुख्य उद्देश्य लोगों को शराब के सेवन से रोकना और ऐसी दुखद घटनाओं से बचाना है। दूसरों को भी शराब से दूर रहने के लिए प्रेरित करें
उन्होंने आगे कहा कि सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे जहरीली शराब का सेवन करता है, तो यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है। मंत्री ने समाज से भी अपील की कि लोग स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी शराब से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। अंत में, उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


