मुजफ्फरपुर में 10 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान, ठिठुरन बढ़ी:मंगलवार तक कोल्ड डे की स्थिति, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का मौसम पर दिख रहा असर

मुजफ्फरपुर में 10 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान, ठिठुरन बढ़ी:मंगलवार तक कोल्ड डे की स्थिति, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का मौसम पर दिख रहा असर

मुजफ्फरपुर में लगातार ठंड बढ़ रही है। सुबह और रात में ठिठुरन बढ़ गई है मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मंगलवार तक कोल्ड डे की ‎स्थिति बनी रह सकती है। पहाड़ी इलाकों में हो ‎रही लगातार बर्फबारी का असर मैदानी ‎क्षेत्रों में साफ तौर पर देखने को मिल ‎रहा है। इसका सीधा प्रभाव मुजफ्फरपुर‎ के मौसम पर पड़ा है, जहां कनकनी‎ वाली पछुआ हवा सिहरन पैदा कर रही‎ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के‎ अनुसार, बीते 24 घंटे में तापमान में ‎मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन ‎ठंड का असर अधिक महसूस किया ‎जा रहा है। सुबह के समय हल्की ठंड और ठंडी हवा के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन ठंड का प्रभाव फिलहाल बना रहने की संभावना है। आज से 1 जनवरी तक 8वीं तक के सभी सरकारी, निजी स्कूल बंद बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। जिलाधिकारी के आदेश पर 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक जिले के सभी सरकारी, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई पर रोक लगा दी गई है। आदेश का उद्देश्य छोटे बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाना बताया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नौवीं कक्षा और उससे ऊपर की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय के अनुसार संचालित होंगी, जबकि स्कूल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम ठंड का असर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से सुबह और रात में बाहर निकलने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। मंगलवार तक कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी
मौसम विभाग के‎ अनुसार, रविवार को जिले का‎ अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री‎ सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो‎ सामान्य से 7.7 डिग्री कम रहा। ‎न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस ‎दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2‎ डिग्री अधिक रहा। पछुआ हवा करीब 8 किलोमीटर‎ प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही ‎है, जिससे ठंड की तीव्रता और‎ बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले‎ दो दिनों में अधिकतम और ‎न्यूनतम तापमान में और गिरावट‎ की संभावना जताई है। बुजुर्गों‎ और बच्चों को विशेष सावधानी ‎बरतने की सलाह दी जा रही है।‎ ऐसे में ठंड से बचाव के लिए‎ सतर्कता बरतना जरूरी है।‎ स्थानीय बोले- ठंड है, लेकिन काम करना पड़ेगा, निकलना जरूरी है स्थानीय अरविंद कुमार ने बताया कि बहुत ठंड है, कड़ाके की ठंड है लेकिन ड्यूटी तो जाना पड़ेगा। अरविंद ने बताया कि सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, कही भी चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नही दिख रहा है, लोग अपने स्तर से कही कही अलाव की व्यवस्था किए हुए हैं। विकास तिवारी ने बताया कि ठंड की स्थित पांच-सात दिनों से बहुत खराब है और प्रत्येक दिन बढ़ ही रहा है। धूप तो निकल नहीं रही है। बच्चों के पढ़ाई-लिखाई सब बंद है। काम पर बुरा असर पड़ा है। गरीबों के लिए अलाव ही एक सहारा है। वहीं, संतोष कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर की स्थिति खराब है, 9 से 10 डिग्री तक न्यूनतम तापमान चला जा रहा है। मुजफ्फरपुर में लगातार ठंड बढ़ रही है। सुबह और रात में ठिठुरन बढ़ गई है मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मंगलवार तक कोल्ड डे की ‎स्थिति बनी रह सकती है। पहाड़ी इलाकों में हो ‎रही लगातार बर्फबारी का असर मैदानी ‎क्षेत्रों में साफ तौर पर देखने को मिल ‎रहा है। इसका सीधा प्रभाव मुजफ्फरपुर‎ के मौसम पर पड़ा है, जहां कनकनी‎ वाली पछुआ हवा सिहरन पैदा कर रही‎ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के‎ अनुसार, बीते 24 घंटे में तापमान में ‎मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन ‎ठंड का असर अधिक महसूस किया ‎जा रहा है। सुबह के समय हल्की ठंड और ठंडी हवा के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन ठंड का प्रभाव फिलहाल बना रहने की संभावना है। आज से 1 जनवरी तक 8वीं तक के सभी सरकारी, निजी स्कूल बंद बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। जिलाधिकारी के आदेश पर 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक जिले के सभी सरकारी, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई पर रोक लगा दी गई है। आदेश का उद्देश्य छोटे बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाना बताया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नौवीं कक्षा और उससे ऊपर की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय के अनुसार संचालित होंगी, जबकि स्कूल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम ठंड का असर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से सुबह और रात में बाहर निकलने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। मंगलवार तक कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी
मौसम विभाग के‎ अनुसार, रविवार को जिले का‎ अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री‎ सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो‎ सामान्य से 7.7 डिग्री कम रहा। ‎न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस ‎दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2‎ डिग्री अधिक रहा। पछुआ हवा करीब 8 किलोमीटर‎ प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही ‎है, जिससे ठंड की तीव्रता और‎ बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले‎ दो दिनों में अधिकतम और ‎न्यूनतम तापमान में और गिरावट‎ की संभावना जताई है। बुजुर्गों‎ और बच्चों को विशेष सावधानी ‎बरतने की सलाह दी जा रही है।‎ ऐसे में ठंड से बचाव के लिए‎ सतर्कता बरतना जरूरी है।‎ स्थानीय बोले- ठंड है, लेकिन काम करना पड़ेगा, निकलना जरूरी है स्थानीय अरविंद कुमार ने बताया कि बहुत ठंड है, कड़ाके की ठंड है लेकिन ड्यूटी तो जाना पड़ेगा। अरविंद ने बताया कि सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, कही भी चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नही दिख रहा है, लोग अपने स्तर से कही कही अलाव की व्यवस्था किए हुए हैं। विकास तिवारी ने बताया कि ठंड की स्थित पांच-सात दिनों से बहुत खराब है और प्रत्येक दिन बढ़ ही रहा है। धूप तो निकल नहीं रही है। बच्चों के पढ़ाई-लिखाई सब बंद है। काम पर बुरा असर पड़ा है। गरीबों के लिए अलाव ही एक सहारा है। वहीं, संतोष कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर की स्थिति खराब है, 9 से 10 डिग्री तक न्यूनतम तापमान चला जा रहा है।  

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