किशनगंज में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। पिछले कई दिनों से लगातार गिरते पारे और घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज की गई है। ठंड के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न इलाकों जैसे बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि लोग ठंड से राहत पा सकें। 10-15 मीटर तक विजिब्लिटी सीमित स्थानीय निवासियों और किसानों पर भी ठंड का व्यापक असर पड़ा है। स्थानीय निवासी सुमित सिंह ने बताया कि सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता 10-15 मीटर तक सीमित हो जाती है, जिससे घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में काम करना असंभव हो गया है, क्योंकि सुबह देर तक कोहरा छाया रहता है। मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें किशनगंज भी शामिल है। अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। विशेषज्ञ राजीव रंजन के अनुसार, पछुआ हवाओं के कारण हिमालय से लगातार आ रही ठंडी हवाएं तापमान में और गिरावट ला सकती हैं। बच्चों-बुजुर्गों का ख्याल रखने की सलाह जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें। खुले में सोने से बचने और अलाव की व्यवस्था का लाभ उठाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से होने वाली बीमारियों जैसे निमोनिया, सर्दी-खांसी आदि से बचाव के लिए आवश्यक सलाह जारी की है। किशनगंज में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। पिछले कई दिनों से लगातार गिरते पारे और घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज की गई है। ठंड के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न इलाकों जैसे बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि लोग ठंड से राहत पा सकें। 10-15 मीटर तक विजिब्लिटी सीमित स्थानीय निवासियों और किसानों पर भी ठंड का व्यापक असर पड़ा है। स्थानीय निवासी सुमित सिंह ने बताया कि सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता 10-15 मीटर तक सीमित हो जाती है, जिससे घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में काम करना असंभव हो गया है, क्योंकि सुबह देर तक कोहरा छाया रहता है। मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें किशनगंज भी शामिल है। अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। विशेषज्ञ राजीव रंजन के अनुसार, पछुआ हवाओं के कारण हिमालय से लगातार आ रही ठंडी हवाएं तापमान में और गिरावट ला सकती हैं। बच्चों-बुजुर्गों का ख्याल रखने की सलाह जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें। खुले में सोने से बचने और अलाव की व्यवस्था का लाभ उठाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से होने वाली बीमारियों जैसे निमोनिया, सर्दी-खांसी आदि से बचाव के लिए आवश्यक सलाह जारी की है।


