उत्तर प्रदेश सरकार ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की है। चना, मसूर और सरसों के बढ़े हुए दामों से महोबा सहित बुंदेलखंड के किसान लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों पर बिचौलियों से मुक्ति और सीधे बैंक खाते में भुगतान मिलने पर संतोष व्यक्त किया है। इस वर्ष चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 225 रुपये अधिक है। इसी प्रकार, मसूर के दाम में 300 रुपये की वृद्धि के साथ यह अब 7000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 250 रुपये बढ़कर 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। महोबा की नवीन गल्ला मंडी पहुंचे किसानों के अनुसार, सरकारी खरीद व्यवस्था से उन्हें बाजार भाव के मुकाबले प्रति क्विंटल 500 से 1500 रुपये तक का सीधा लाभ मिल रहा है। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। रिवई गांव के किसान चंद्रभान ने बताया कि वे पहले अपनी उपज व्यापारियों को बेचने की योजना बना रहे थे, लेकिन सरकारी केंद्रों पर बढ़े हुए रेट की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपना निर्णय बदल लिया। उन्होंने कहा कि सरकारी केंद्रों पर फसल बेचने से बिचौलियों का झंझट खत्म होता है और पैसा सीधे बैंक खाते में आता है। किसान विमल सिंह ने कहा कि वे एमएसपी में हुई इस वृद्धि की जानकारी गांव के अन्य किसानों को भी देंगे, ताकि सभी इस योजना का लाभ उठा सकें। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस फैसले से उनकी आय में सुधार होगा और खेती के प्रति उनका रुझान बढ़ेगा।


