संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के जारी परिणाम में भागलपुर की बेटी मीमांसा ने 447वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वर्तमान में वह पूर्णिया में सहायक आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। परिणाम घोषित होते ही शहर के जीरो माइल स्थित चाणक्य विहार कॉलोनी में खुशी का माहौल हो गया। परिजन, रिश्तेदार और परिचित लगातार उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। मीमांसा को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी को दिया है। मीमांसा ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के दौरान किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। पूरी तैयारी उन्होंने स्वयं अध्ययन के माध्यम से की। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन करीब 12 घंटे पढ़ाई करती थीं और लगातार अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखती थीं। मीमांसा की प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर से ही हुई है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी और लगातार मेहनत करती रहीं। बता दें कि इससे पहले साल 2024 में आयोजित 68वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में भी मीमांसा ने टॉप 10 में स्थान हासिल किया था। उस परीक्षा में उन्होंने 10वीं रैंक हासिल कर सहायक आयकर आयुक्त के पद पर चयनित हुई थी। उस समय उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि वह आगे चलकर यूपीएससी में भी सफलता हासिल करना चाहती हैं। अब उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है। पिता सहकारिता विभाग में कार्यरत मीमांसा के पिता मिथिलेश कुमार यादव सहकारिता विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। बेटी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार बेहद खुश है। माता-पिता का कहना है कि मीमांसा बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर और अनुशासित रही हैं। उसकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज उसने जिले के साथ-साथ पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के जारी परिणाम में भागलपुर की बेटी मीमांसा ने 447वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वर्तमान में वह पूर्णिया में सहायक आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। परिणाम घोषित होते ही शहर के जीरो माइल स्थित चाणक्य विहार कॉलोनी में खुशी का माहौल हो गया। परिजन, रिश्तेदार और परिचित लगातार उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। मीमांसा को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी को दिया है। मीमांसा ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के दौरान किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। पूरी तैयारी उन्होंने स्वयं अध्ययन के माध्यम से की। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन करीब 12 घंटे पढ़ाई करती थीं और लगातार अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखती थीं। मीमांसा की प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर से ही हुई है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी और लगातार मेहनत करती रहीं। बता दें कि इससे पहले साल 2024 में आयोजित 68वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में भी मीमांसा ने टॉप 10 में स्थान हासिल किया था। उस परीक्षा में उन्होंने 10वीं रैंक हासिल कर सहायक आयकर आयुक्त के पद पर चयनित हुई थी। उस समय उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि वह आगे चलकर यूपीएससी में भी सफलता हासिल करना चाहती हैं। अब उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है। पिता सहकारिता विभाग में कार्यरत मीमांसा के पिता मिथिलेश कुमार यादव सहकारिता विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। बेटी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार बेहद खुश है। माता-पिता का कहना है कि मीमांसा बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर और अनुशासित रही हैं। उसकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज उसने जिले के साथ-साथ पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।


