Milk and Parkinson Risk: दूध को हमेशा से हेल्दी डाइट का जरूरी हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम और प्रोटीन भरपूर होता है। लेकिन हाल ही में एक स्टडी ने लोगों को थोड़ा कन्फ्यूज कर दिया है। इस रिसर्च में कहा गया है कि ज्यादा दूध पीने वालों में पार्किंसन रोग का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अविनाश कुलकर्णी के अनुसार, इस स्टडी में करीब 6 लाख लोगों के डेटा को देखा गया। इसमें पाया गया कि जो लोग ज्यादा दूध पीते हैं, उनमें पार्किंसन का खतरा लगभग 20-21% ज्यादा हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दूध पीने से ही यह बीमारी होती है।
क्या सच में दूध वजह है?
डॉक्टर बताते हैं कि यह सिर्फ एक संबंध है, कोई पक्का कारण नहीं। यानी यह नहीं कहा जा सकता कि दूध ही पार्किंसन का कारण बनता है। इसके पीछे और भी कई कारण हो सकते हैं जैसे जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल और वातावरण।
क्या सभी डेयरी प्रोडक्ट्स से खतरा है?
दिलचस्प बात यह है कि यह लिंक सिर्फ दूध के साथ देखा गया, दही या चीज जैसे दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ नहीं। डॉ. कुलकर्णी कहते हैं कि इसका मतलब हो सकता है कि दूध में कोई खास तत्व इस रिस्क से जुड़ा हो, लेकिन अभी इस पर और रिसर्च की जरूरत है।
इसके पीछे क्या वजह हो सकती है?
वैज्ञानिक अभी तक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा क्यों हो सकता है। एक कारण gut-brain connection हो सकता है, यानी जो हम खाते हैं उसका असर हमारे दिमाग पर भी पड़ता है। इसके अलावा कुछ लोग मानते हैं कि दूध में मौजूद कुछ केमिकल या बैक्टीरिया दिमाग की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन अभी तक इनमें से कोई भी बात पूरी तरह साबित नहीं हुई है।
क्या आपको दूध पीना बंद कर देना चाहिए?
इस सवाल का जवाब है नहीं। डॉ. कुलकर्णी साफ कहते हैं कि अभी ऐसी कोई सलाह नहीं है कि दूध या डेयरी को पूरी तरह छोड़ दिया जाए। दूध अभी भी शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व देता है।
फिर क्या करें?
डॉक्टरों के मुताबिक सबसे जरूरी चीज है संतुलन (balance)। सिर्फ एक चीज पर ध्यान देने के बजाय पूरी डाइट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
- फल और सब्जियां खाएं
- साबुत अनाज शामिल करें
- हेल्दी फैट लें
- नियमित एक्सरसाइज करें
- अच्छी नींद लें
दूध और पार्किंसन के बीच कनेक्शन
दूध और पार्किंसन के बीच जो कनेक्शन दिख रहा है, वह अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। सबसे अच्छा तरीका है संतुलित डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना। अगर आप सही मात्रा में दूध पीते हैं और बाकी खानपान भी संतुलित रखते हैं, तो आपकी सेहत पर इसका बुरा असर होने की संभावना बहुत कम है।


