Migraine in Women: पुरुषों से 3 गुना ज्यादा महिलाओं को क्यों होता है माइग्रेन? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

Migraine in Women: पुरुषों से 3 गुना ज्यादा महिलाओं को क्यों होता है माइग्रेन? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

Migraine in Women: क्या आप जानती हैं कि महिलाओं में माइग्रेन पुरुषों के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा होता है? हैरानी की बात यह भी है कि लगभग 30% माइग्रेन हार्मोनल बदलाव की वजह से होते हैं, खासकर पीरियड्स के आसपास। कई महिलाओं के लिए माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, बल्कि ऐसा दर्द होता है जो पूरा दिन खराब कर देता है। काम, घर और खुद की जिम्मेदारियों के बीच यह दर्द चुपचाप सहना पड़ता है।

मुंबई के जसलोक और लीलावती अस्पताल के माइग्रेन विशेषज्ञ डॉ. के. रविशंकर कहते हैं कि महिला हार्मोन माइग्रेन में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन यही अकेला कारण नहीं है। अनियमित दिनचर्या, ज्यादा तनाव, समय पर खाना न खाना या व्रत-उपवास जैसी आदतें भी माइग्रेन को बढ़ा सकती हैं। सही कारण पहचान कर लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव और सही इलाज से माइग्रेन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

माइग्रेन और हार्मोन का रिश्ता समझें

महिलाओं में माइग्रेन अक्सर पीरियड्स से पहले या दौरान होता है, जब एस्ट्रोजन हार्मोन अचानक कम हो जाता है। प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज या गर्भनिरोधक गोलियों से भी हार्मोन बदलते हैं, जिससे माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। इसे संभालने के लिए रोज एक जैसा सोने-जागने का समय रखें, संतुलित खाना खाएं, हल्की एक्सरसाइज करें, पानी खूब पिएं और तनाव कम करने की कोशिश करें।

तनाव को ट्रिगर न बनने दें

कामकाजी महिलाएं, गृहिणियां या केयरगिवर ज्यादातर महिलाएं कई जिम्मेदारियां एक साथ निभाती हैं। इससे लगातार तनाव बना रहता है, जो माइग्रेन को बढ़ा देता है। योग, ध्यान, गहरी सांस की एक्सरसाइज या हल्की वॉक तनाव कम करने में मदद करती है। एक माइग्रेन डायरी रखें, जिसमें दर्द का समय, वजह और क्या चीज फायदा कर रही है सब नोट करें।

रूटीन में नियमितता जरूरी

देर से सोना, खाना स्किप करना या कम पानी पीना माइग्रेन को न्योता देता है। रोज एक ही समय पर सोने-जागने की आदत डालें, फोन-स्क्रीन से दूर रहें और दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।

कैफीन और खाने पर ध्यान दें

चाय-कॉफी कुछ लोगों में माइग्रेन बढ़ा सकती है। अपने शरीर को समझें और जरूरत से ज्यादा कैफीन न लें। प्रोसेस्ड फूड, बहुत पुराने चीज, या आर्टिफिशियल मिठास से भी माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। हर 3-4 घंटे में हल्का, पौष्टिक खाना खाएं।

कब डॉक्टर से मिलें?

अगर माइग्रेन बार-बार हो, बहुत तेज हो या रोजमर्रा की जिंदगी में दिक्कत पैदा करे, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें। आज माइग्रेन के लिए नए और असरदार इलाज मौजूद हैं।

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