Israel Lebanon Conflict:मध्य पूर्व में सैन्य संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। तनाव वृद्धि के इस ताजा दौर में इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई को और अधिक तेज कर दिया है। जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली रक्षा बलों (IDF) के लड़ाकू विमानों ने लेबनान के कई अहम रिहायशी और रणनीतिक शहरों को अपने हवाई हमलों का निशाना बनाया है। इस लगातार हो रही बमबारी के कारण सीमावर्ती इलाकों में खौफ का माहौल है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही
हालिया हमलों में दक्षिणी लेबनान के प्रमुख शहर नबातिएह अल-फौका पर इजरायली वायुसेना ने बड़ा हवाई हमला किया है। यह क्षेत्र रणनीतिक और भौगोलिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे ठीक पहले, इजरायली बलों ने दक्षिणी लेबनान के ही अल-अब्बासियेह कस्बे और बिन्त जेबिल शहर पर भी भारी बमबारी की थी। बिन्त जेबिल ऐतिहासिक रूप से एक संवेदनशील इलाका रहा है। इन हमलों में बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। लगातार हो रहे हवाई हमलों से इलाके में संचार और परिवहन व्यवस्था भी बाधित हुई है।
दक्षिणी लेबनान के नागरिकों को पलायन करना पड़ा
लेबनान और इजरायल सीमा पर यह सैन्य संघर्ष पिछले कई महीनों से अनवरत जारी है। इजरायल का स्पष्ट कहना है कि वह अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित करने और अपने विस्थापित नागरिकों की घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए लेबनान में मौजूद विरोधी गुटों के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इजरायली सेना की इस कार्रवाई के कारण दक्षिणी लेबनान के हजारों नागरिकों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा है।
बचाव कार्य और प्रभावित लोगों तक चिकित्सा पहुंचाना चुनौतीपूर्ण
इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में किए गए इन ताजा हवाई हमलों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने शांति बनाए रखने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों का कहना है कि लगातार हो रही बमबारी के कारण बचाव कार्य और प्रभावित लोगों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। लेबनान के अधिकारियों ने इन हमलों का विरोध करते हुए इसे अपनी संप्रभुता के लिए खतरा बताया है।
हमलों में हताहत लोगों की स्पष्ट संख्या सामने नहीं आई
इन हवाई हमलों के बाद स्थिति और भी अधिक संवेदनशील हो गई है। फिलहाल राहत और बचाव दल प्रभावित शहरों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं। अभी तक इन हमलों में हताहत हुए लोगों की आधिकारिक और स्पष्ट संख्या सामने नहीं आई है। रक्षा विशेषज्ञ अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि लेबनान में सक्रिय सशस्त्र गुट इन हमलों का किस प्रकार से जवाब देते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में इजरायली सेना ने अपनी निगरानी काफी बढ़ा दी है।
जमीनी स्तर पर सैन्य कार्रवाइयां रुकने का नाम नहीं ले रही
इस पूरे संघर्ष का एक महत्वपूर्ण साइड एंगल यह है कि यह केवल सीमा विवाद नहीं रह गया है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए एक बड़ा संकट बन चुका है। कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका और फ्रांस सहित कई देश इस तनाव को कम करने के लिए लगातार मध्यस्थता का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सैन्य कार्रवाइयां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। यदि यह युद्ध विराम की ओर नहीं बढ़ता है, तो इसका नकारात्मक असर वैश्विक शांति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।


