पटना मेट्रो को शुरू हुए 4 महीने हो गए हैं। अभी मेट्रो सिर्फ 3 स्टेशन (न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन) के बीच ही चल रही है। दूरी 2.9 km और किराया 15 रुपए है। मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा होली बाद शुरू होगी। इससे मेट्रो सेवा की लंबाई बढ़कर 6.107 km हो जाएगी। 3 km से अधिक दूरी तक यात्रा करने के लिए 30 रुपए किराया देना होगा। वहीं, अंडरग्राउंड मेट्रो के लिए टनल का निर्माण तेजी से हो रहा है। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए, पटना मेट्रो के निर्माण का अपडेट क्या है…? पटना जंक्शन से लेकर राजेन्द्र नगर स्टेशन व अन्य जगहों पर क्या काम चल रहा है? आपके इलाके में कब तक मेट्रो आएगी…? पहले एक नजर में जानिए पटना मेट्रो नेटवर्क पटना में मेट्रो ट्रेन की दो लाइनें बन रहीं हैं। एक है ब्लू लाइन जो पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से पटना जंक्शन जाएगी। दूसरी है रेड लाइन जो दानापुर कैंट से खेमनीचक जाएगी। पटना मेट्रो के कुल 25 स्टेशन होंगे। नेटवर्क की लंबाई 32 km होगी। वर्तमान में न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन तक 2.9 km में मेट्रो का परिचालन हो रहा है, जिसका किराया 15 रुपए है। मार्च में भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक 6.107 km में मेट्रो की आवाजाही शुरू होगी। 3 km से ऊपर, मेट्रो का किराया 30 रुपए होगा। अब जानिए वर्किंग अपडेट: फरवरी लास्ट में आएंगे कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले फरवरी के अंतिम सप्ताह में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की अंतिम जांच होगी। सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने के बाद, मार्च के पहले सप्ताह में इन दोनों स्टेशनों कर मेट्रो सेवा शुरू होगी। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, CMRS की टीम 25 से 28 फरवरी के बीच पटना पहुंचेगी। इस दौरान टीम मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशन के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, प्लेटफॉर्म सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी। सब कुछ ठीक रहा तो होली बाद मेट्रो ट्रेन 5 स्टेशनों तक दौड़ेगी। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर ASS ट्रांसफार्मर चालू मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर ASS ट्रांसफार्मर, चार्ज होने के साथ चालू हो गया है। ASS रूम, मेट्रो स्टेशन की पावर सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह ट्रांसफार्मर हाई-वोल्टेज बिजली सप्लाई को कम करता है। स्टेशन के हिसाब से ऑपरेशनल वोल्टेज को एडजस्ट करता है। खेमनीचक मेट्रो स्टेशन का निर्माण 90% पूरा हो चुका है। मलाही पकड़ी स्टेशन में सिविल वर्क कम्पलीट है। 14 फरवरी को इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल आनंद कुमार ने भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच निरीक्षण किया। मलाही पकड़ी स्टेशन पर यात्रियों के वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी। स्टेशन के पीछे की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। यहां पार्किंग बनेगी। इससे पहले 23 जनवरी को अधिकारियों ने खेमनीचक से मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन तक EIG इंस्पेक्शन किया था। यह जांच भारत सरकार के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जगदीश कुमार ने किया था। इसमें स्टेशन, ट्रैक और सिग्नल संबंधित सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई। ये मानक के अनुरूप पाई गई थी। पटना जंक्शन के पास बन रहा तीन फ्लोर का इंटरचेंज स्टेशन दूसरी ओर पटना जंक्शन गोलंबर के पास मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है। यह पूरे मेट्रो नेटवर्क का सबसे बड़ा स्टेशन होगा। तीन फ्लोर वाला यह स्टेशन एक इंटरचेंज स्टेशन के रूप में काम करेगा। रेड लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ेगा। यहां से मेट्रो कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के सभी स्टेशनों तक सीधी कनेक्टिविटी होगी। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन का निर्माण बुद्धा पार्क के पास हो रहा है। इसका प्लेटफार्म पटना जंक्शन के पास बने पुल के नीचे तक फैला होगा। दूसरे और तीसरे फ्लोर पर बनेंगे अलग-अलग प्लेटफार्म पटना जंक्शन स्टेशन के पहले फ्लोर पर टिकट काउंटर, जांच द्वार और अन्य यात्री सुविधाएं होंगी। दूसरे और तीसरे फ्लोर पर अलग-अलग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। यहां तक पहुंचने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी। दूसरे फ्लोर के प्लेटफार्म से कॉरिडोर-टू के लिए मेट्रो ट्रेनें संचालित होंगी। ये पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन तक जाएंगी। वहीं, तीसरे फ्लोर पर बने प्लेटफार्म से कॉरिडोर-वन के लिए ट्रेनें चलेंगी। ये पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन से दानापुर मेट्रो स्टेशन जाएंगी। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन में 3 टनल का हो रहा निर्माण पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन में 3 टनल का निर्माण हो रहा है। इनमें से एक टनल का निर्माण आकाशवाणी की दिशा में अंतिम चरण में है। वहीं, दो टनल मीठापुर और विद्युत भवन की ओर निर्माणाधीन हैं। इनके लिए खुदाई का काम अब शुरू किया जाएगा। कॉरिडोर-टू की ट्रेनें गांधी मैदान और आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन स्टेशन पहुंचेंगी। वहीं, कॉरिडोर-वन की मेट्रो दानापुर की दिशा से स्टेशन तक आएगी और मीठापुर होते हुए खेमनीचक तक आवाजाही करेगी। दोनों कॉरिडोर से आने वाली ट्रेनें डाक बंगला चौराहा के पास जमीन के अंदर 6 मीटर की दूरी पर एक साथ चलेंगी। आकाशवाणी से आने वाली मेट्रो ट्रेनें जमीन से 11-12 मीटर नीचे पहुंचेंगी और दूसरे फ्लोर पर प्लेटफार्म तक आएंगी। विद्युत भवन से आने वाली मेट्रो ट्रेनें तीसरे तल पर, जमीन से 23-24 मीटर नीचे प्लेटफार्म तक पहुंचेंगी। ट्रेन से उतरने के बाद मेट्रो से अपने घर जा सकेंगे लोग पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि रेलवे और मेट्रो के बीच यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले। इस मेट्रो स्टेशन पर जाने के लिए पटना जंक्शन, मल्टीलेवल पार्किंग, चिरैयाटांड़ पुल की तरफ से जाने की सुविधा होगी। मेट्रो स्टेशन की पार्किंग को सीधे पटना जंक्शन की पार्किंग से जोड़ा जाएगा। एक स्टेशन से दूसरे पर जाने का रास्ता होगा। ट्रेन से उतरने के बाद लोग मेट्रो से अपने घर जा सकेंगे। महावीर मंदिर के सामने बनेगा नया अंडरग्राउंड सब-वे महावीर मंदिर के सामने एक नया अंडरग्राउंड सब-वे बनेगा। इससे बुद्धा स्मृति पार्क के सामने बन रहे इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन तक सीधे आ-जा सकते हैं। मौजूदा सब-वे नेटवर्क को आगे बढ़ाते हुए मेट्रो स्टेशन तक एक नया कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। इससे यात्रियों को सड़क पार करने या ट्रैफिक में उलझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग ट्रेन से उतरते ही बिना सड़क पार किए सीधे मेट्रो पहुंचेंगे। मई से अंडरग्राउंड खुदाई का काम शुरू होगा। इसके लिए टीबीएम मशीन लाई जाएगी। इस सब-वे में एस्केलेटर, लिफ्ट और ट्रैवलेटर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। किराये पर आएगी तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन अगस्त में मीठापुर स्टेशन तक पटना मेट्रो शुरू करने की योजना है। इसके बाद न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से यात्री मीठापुर तक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। इसके लिए तीन कोच वाली एक ट्रेन का रैक किराये पर पुणे से लाया जाएगा। इसके लिए पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अभी जो रैक मेट्रो में चल रहा है, वह भी पुणे से किराये पर लाया गया है। मीठापुर तक परिचालन शुरू होते ही 9.32 km तक पटना मेट्रो का विस्तार हो जाएगा। टनल बनाने से पहले मिट्टी की हो रही जांच पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक कुल 9.35 किलोमीटर में अंडरग्राउंड कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। वहीं, रुकनपुरा से पटना जंक्शन तक बनने वाली अंडरग्राउंड टनल के लिए मिट्टी की गहराई और मजबूती की जांच की जा रही है। नेहरू पथ पर लगभग 12 स्थानों पर 50 मीटर तक बोरिंग की जा रही है। हर जगह निकली मिट्टी का सैम्पल लैब भेजा गया है। मिट्टी की इस खास जांच के आधार पर सुरंग के अंतिम मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था तय की जाएगी। पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक अप्रैल से मेट्रो टनल बनेगी पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक अप्रैल से मेट्रो टनल बनेगी। इससे पहले इस दायरे में आने वाले बड़े भवनों की जांच हो रही है। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। मीठापुर स्थित आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी का ज्वाइंट प्रॉपर्टी रेफरेंस (JPR) सर्वे किया गया है। हर तरह के सेफ्टी को देखने के लिए निर्माण कार्य से पहले पटना मेट्रो सर्वे करती है। बड़े भवनों की मजबूती की हो रही जांच यह सर्वे मौजूदा प्रॉपर्टी कंडिशन का डॉक्यूमेंटेशन करता है। यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि निर्माण कार्य जिम्मेदारी से, आस-पास की इमारतों और पब्लिक सेफ्टी का पूरा ध्यान रखते हुए किया जाए। पटना मेट्रो के टनल बनाने से पहले 10.50 किमी में पड़ने वाले बड़े भवनों की मजबूती की जांच हो रही है। इस दायरे में आने वाले बड़े भवनों की जांच मार्च तक करनी है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर जर्जर भवनों को सुरक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही यूटिलिटी शिफ्टिंग होगी। इसके बाद अप्रैल से निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। इन भवनों की जांच होगी डाक बंगला चौराहे का लोकनायक भवन, हरि निवास, कोतवाली थाना, तारा मंडल, विद्युत भवन, पटना हाइकोर्ट, बिहार म्यूजियम, पटना वीमेंस कॉलेज, सचिवालय का विकास भवन, विश्वेश्वरैया भवन, टेक्नोलॉजी भवन के साथ ही नेहरू पथ के दोनों तरफ के भवनों की जांच होगी। मोइनुल हक स्टेडियम से पटना विश्वविद्यालय के बीच 1.5 km तक टनल तैयार पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन के निर्माण ने भी रफ्तार पकड़ ली है। कॉरिडोर-टू में सबसे पहले मोइनुल हक स्टेडियम से पटना यूनिवर्सिटी के बीच 1480 मीटर में टनल तैयार कर ली गई है। वहीं, गांधी मैदान से आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन तक 1450 मीटर में टनल तैयार है। पटना यूनिवर्सिटी से पीएमसीएच होते हुए गांधी मैदान तक 2302 मीटर में टनल तैयार होनी है। इसमें पीएमसीएच तक टनल तैयार कर ली गई है। पीएमसीएच से गांधी मैदान के बीच टनल की खुदाई शुरू हो गई है। यह पटना यूनिवर्सिटी, सरकारी संस्थानों और पुराने आवासीय इलाकों को सीधे जोड़ने वाला मार्ग है। राजेन्द्र नगर स्टेशन का टनल निर्माण रेलवे से एनओसी नहीं मिलने पर रुका रेलवे से एनओसी नहीं मिलने के कारण राजेन्द्र नगर स्टेशन के पास टनल निर्माण कार्य रुका हुआ है। यहां पटरी और टर्मिनल के नीचे टनल बनाने के लिए रेलवे की मंजूरी चाहिए। पटना मेट्रो द्वारा एनओसी के लिए रेलवे को पत्र लिखा गया है। मेट्रो कॉरिडोर-टू में रेलवे से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण मेट्रो के टनल खुदाई का कार्य रुक गया है। रेलवे द्वारा अब तक टनल निर्माण को लेकर मंजूरी नहीं दी गई है। मोइनुल हक स्टेडियम से राजेन्द्र नगर टर्मिनल तक 800 मीटर लंबी टनल की खुदाई शुरू मोइनुल हक स्टेडियम से राजेन्द्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी स्टेशन के पहले तक लगभग 1800 मीटर में टनल तैयार होनी है। इसमें मोइनुल हक स्टेडियम से राजेन्द्र नगर टर्मिनल तक लगभग 800 मीटर लंबी टनल की खुदाई शुरू हो गई थी। रेलवे से एनओसी नहीं मिलने के कारण पहले टीबीएम द्वारा 361 मीटर और दूसरे टीबीएम द्वारा 263 मीटर खुदाई करने के बाद काम रोक दिया गया है। राजेंद्र नगर में बनेगा सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो रेल का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा। यहां 21 मीटर नीचे से मेट्रो रेल गुजरेगी। इसका कारण राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक है। यह मेट्रो स्टेशन रेलवे टर्मिनल से जुड़ा होगा। इस मेट्रो स्टेशन से लोग आसानी से राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल से ट्रेन भी पकड़ सकेंगे। दानापुर-सगुना रूट पर ट्रैक और मेट्रो स्टेशन लेने लगा आकार पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में दानापुर-सगुना मोड़ से आरपीएस मोड़ तक मेट्रो कॉरिडोर पर दिन-रात काम चल रहा है। एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर खड़े किए जा चुके हैं। कई स्थानों पर स्टेशन स्ट्रक्चर भी आकार लेने लगा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, तय समय सीमा में काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त मशीनें, इंजीनियर और मजदूर लगाए गए हैं। आधुनिक तकनीक और प्री-कास्ट सेगमेंट के इस्तेमाल से निर्माण की गति तेज हुई है। ISBT डिपो परिसर में शिफ्ट होगा मेट्रो का ऑफिस इसी बीच पटना मेट्रो का प्रशासनिक ऑफिस अब बोरिंग रोड स्थित इंदिरा भवन से आईएसबीटी डिपो परिसर में शिफ्ट होने जा रहा है। जल्द ऑफिस ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आईएसबीटी डिपो परिसर में G+4 मंजिला आधुनिक प्रशासनिक भवन तैयार कर लिया गया है। जहां मेट्रो परियोजना से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी बैठेंगे। इससे परियोजना के संचालन और निगरानी में अधिक सुविधा होगी। पटना मेट्रो को शुरू हुए 4 महीने हो गए हैं। अभी मेट्रो सिर्फ 3 स्टेशन (न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन) के बीच ही चल रही है। दूरी 2.9 km और किराया 15 रुपए है। मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा होली बाद शुरू होगी। इससे मेट्रो सेवा की लंबाई बढ़कर 6.107 km हो जाएगी। 3 km से अधिक दूरी तक यात्रा करने के लिए 30 रुपए किराया देना होगा। वहीं, अंडरग्राउंड मेट्रो के लिए टनल का निर्माण तेजी से हो रहा है। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए, पटना मेट्रो के निर्माण का अपडेट क्या है…? पटना जंक्शन से लेकर राजेन्द्र नगर स्टेशन व अन्य जगहों पर क्या काम चल रहा है? आपके इलाके में कब तक मेट्रो आएगी…? पहले एक नजर में जानिए पटना मेट्रो नेटवर्क पटना में मेट्रो ट्रेन की दो लाइनें बन रहीं हैं। एक है ब्लू लाइन जो पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से पटना जंक्शन जाएगी। दूसरी है रेड लाइन जो दानापुर कैंट से खेमनीचक जाएगी। पटना मेट्रो के कुल 25 स्टेशन होंगे। नेटवर्क की लंबाई 32 km होगी। वर्तमान में न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन तक 2.9 km में मेट्रो का परिचालन हो रहा है, जिसका किराया 15 रुपए है। मार्च में भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक 6.107 km में मेट्रो की आवाजाही शुरू होगी। 3 km से ऊपर, मेट्रो का किराया 30 रुपए होगा। अब जानिए वर्किंग अपडेट: फरवरी लास्ट में आएंगे कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले फरवरी के अंतिम सप्ताह में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की अंतिम जांच होगी। सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने के बाद, मार्च के पहले सप्ताह में इन दोनों स्टेशनों कर मेट्रो सेवा शुरू होगी। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, CMRS की टीम 25 से 28 फरवरी के बीच पटना पहुंचेगी। इस दौरान टीम मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशन के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, प्लेटफॉर्म सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी। सब कुछ ठीक रहा तो होली बाद मेट्रो ट्रेन 5 स्टेशनों तक दौड़ेगी। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर ASS ट्रांसफार्मर चालू मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर ASS ट्रांसफार्मर, चार्ज होने के साथ चालू हो गया है। ASS रूम, मेट्रो स्टेशन की पावर सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह ट्रांसफार्मर हाई-वोल्टेज बिजली सप्लाई को कम करता है। स्टेशन के हिसाब से ऑपरेशनल वोल्टेज को एडजस्ट करता है। खेमनीचक मेट्रो स्टेशन का निर्माण 90% पूरा हो चुका है। मलाही पकड़ी स्टेशन में सिविल वर्क कम्पलीट है। 14 फरवरी को इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल आनंद कुमार ने भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच निरीक्षण किया। मलाही पकड़ी स्टेशन पर यात्रियों के वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी। स्टेशन के पीछे की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। यहां पार्किंग बनेगी। इससे पहले 23 जनवरी को अधिकारियों ने खेमनीचक से मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन तक EIG इंस्पेक्शन किया था। यह जांच भारत सरकार के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जगदीश कुमार ने किया था। इसमें स्टेशन, ट्रैक और सिग्नल संबंधित सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई। ये मानक के अनुरूप पाई गई थी। पटना जंक्शन के पास बन रहा तीन फ्लोर का इंटरचेंज स्टेशन दूसरी ओर पटना जंक्शन गोलंबर के पास मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है। यह पूरे मेट्रो नेटवर्क का सबसे बड़ा स्टेशन होगा। तीन फ्लोर वाला यह स्टेशन एक इंटरचेंज स्टेशन के रूप में काम करेगा। रेड लाइन और ब्लू लाइन को जोड़ेगा। यहां से मेट्रो कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 के सभी स्टेशनों तक सीधी कनेक्टिविटी होगी। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन का निर्माण बुद्धा पार्क के पास हो रहा है। इसका प्लेटफार्म पटना जंक्शन के पास बने पुल के नीचे तक फैला होगा। दूसरे और तीसरे फ्लोर पर बनेंगे अलग-अलग प्लेटफार्म पटना जंक्शन स्टेशन के पहले फ्लोर पर टिकट काउंटर, जांच द्वार और अन्य यात्री सुविधाएं होंगी। दूसरे और तीसरे फ्लोर पर अलग-अलग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। यहां तक पहुंचने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी। दूसरे फ्लोर के प्लेटफार्म से कॉरिडोर-टू के लिए मेट्रो ट्रेनें संचालित होंगी। ये पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन तक जाएंगी। वहीं, तीसरे फ्लोर पर बने प्लेटफार्म से कॉरिडोर-वन के लिए ट्रेनें चलेंगी। ये पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन से दानापुर मेट्रो स्टेशन जाएंगी। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन में 3 टनल का हो रहा निर्माण पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन में 3 टनल का निर्माण हो रहा है। इनमें से एक टनल का निर्माण आकाशवाणी की दिशा में अंतिम चरण में है। वहीं, दो टनल मीठापुर और विद्युत भवन की ओर निर्माणाधीन हैं। इनके लिए खुदाई का काम अब शुरू किया जाएगा। कॉरिडोर-टू की ट्रेनें गांधी मैदान और आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन स्टेशन पहुंचेंगी। वहीं, कॉरिडोर-वन की मेट्रो दानापुर की दिशा से स्टेशन तक आएगी और मीठापुर होते हुए खेमनीचक तक आवाजाही करेगी। दोनों कॉरिडोर से आने वाली ट्रेनें डाक बंगला चौराहा के पास जमीन के अंदर 6 मीटर की दूरी पर एक साथ चलेंगी। आकाशवाणी से आने वाली मेट्रो ट्रेनें जमीन से 11-12 मीटर नीचे पहुंचेंगी और दूसरे फ्लोर पर प्लेटफार्म तक आएंगी। विद्युत भवन से आने वाली मेट्रो ट्रेनें तीसरे तल पर, जमीन से 23-24 मीटर नीचे प्लेटफार्म तक पहुंचेंगी। ट्रेन से उतरने के बाद मेट्रो से अपने घर जा सकेंगे लोग पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि रेलवे और मेट्रो के बीच यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले। इस मेट्रो स्टेशन पर जाने के लिए पटना जंक्शन, मल्टीलेवल पार्किंग, चिरैयाटांड़ पुल की तरफ से जाने की सुविधा होगी। मेट्रो स्टेशन की पार्किंग को सीधे पटना जंक्शन की पार्किंग से जोड़ा जाएगा। एक स्टेशन से दूसरे पर जाने का रास्ता होगा। ट्रेन से उतरने के बाद लोग मेट्रो से अपने घर जा सकेंगे। महावीर मंदिर के सामने बनेगा नया अंडरग्राउंड सब-वे महावीर मंदिर के सामने एक नया अंडरग्राउंड सब-वे बनेगा। इससे बुद्धा स्मृति पार्क के सामने बन रहे इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन तक सीधे आ-जा सकते हैं। मौजूदा सब-वे नेटवर्क को आगे बढ़ाते हुए मेट्रो स्टेशन तक एक नया कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। इससे यात्रियों को सड़क पार करने या ट्रैफिक में उलझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग ट्रेन से उतरते ही बिना सड़क पार किए सीधे मेट्रो पहुंचेंगे। मई से अंडरग्राउंड खुदाई का काम शुरू होगा। इसके लिए टीबीएम मशीन लाई जाएगी। इस सब-वे में एस्केलेटर, लिफ्ट और ट्रैवलेटर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। किराये पर आएगी तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन अगस्त में मीठापुर स्टेशन तक पटना मेट्रो शुरू करने की योजना है। इसके बाद न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से यात्री मीठापुर तक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। इसके लिए तीन कोच वाली एक ट्रेन का रैक किराये पर पुणे से लाया जाएगा। इसके लिए पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अभी जो रैक मेट्रो में चल रहा है, वह भी पुणे से किराये पर लाया गया है। मीठापुर तक परिचालन शुरू होते ही 9.32 km तक पटना मेट्रो का विस्तार हो जाएगा। टनल बनाने से पहले मिट्टी की हो रही जांच पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक कुल 9.35 किलोमीटर में अंडरग्राउंड कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। वहीं, रुकनपुरा से पटना जंक्शन तक बनने वाली अंडरग्राउंड टनल के लिए मिट्टी की गहराई और मजबूती की जांच की जा रही है। नेहरू पथ पर लगभग 12 स्थानों पर 50 मीटर तक बोरिंग की जा रही है। हर जगह निकली मिट्टी का सैम्पल लैब भेजा गया है। मिट्टी की इस खास जांच के आधार पर सुरंग के अंतिम मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था तय की जाएगी। पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक अप्रैल से मेट्रो टनल बनेगी पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक अप्रैल से मेट्रो टनल बनेगी। इससे पहले इस दायरे में आने वाले बड़े भवनों की जांच हो रही है। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। मीठापुर स्थित आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी का ज्वाइंट प्रॉपर्टी रेफरेंस (JPR) सर्वे किया गया है। हर तरह के सेफ्टी को देखने के लिए निर्माण कार्य से पहले पटना मेट्रो सर्वे करती है। बड़े भवनों की मजबूती की हो रही जांच यह सर्वे मौजूदा प्रॉपर्टी कंडिशन का डॉक्यूमेंटेशन करता है। यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि निर्माण कार्य जिम्मेदारी से, आस-पास की इमारतों और पब्लिक सेफ्टी का पूरा ध्यान रखते हुए किया जाए। पटना मेट्रो के टनल बनाने से पहले 10.50 किमी में पड़ने वाले बड़े भवनों की मजबूती की जांच हो रही है। इस दायरे में आने वाले बड़े भवनों की जांच मार्च तक करनी है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर जर्जर भवनों को सुरक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही यूटिलिटी शिफ्टिंग होगी। इसके बाद अप्रैल से निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। इन भवनों की जांच होगी डाक बंगला चौराहे का लोकनायक भवन, हरि निवास, कोतवाली थाना, तारा मंडल, विद्युत भवन, पटना हाइकोर्ट, बिहार म्यूजियम, पटना वीमेंस कॉलेज, सचिवालय का विकास भवन, विश्वेश्वरैया भवन, टेक्नोलॉजी भवन के साथ ही नेहरू पथ के दोनों तरफ के भवनों की जांच होगी। मोइनुल हक स्टेडियम से पटना विश्वविद्यालय के बीच 1.5 km तक टनल तैयार पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन के निर्माण ने भी रफ्तार पकड़ ली है। कॉरिडोर-टू में सबसे पहले मोइनुल हक स्टेडियम से पटना यूनिवर्सिटी के बीच 1480 मीटर में टनल तैयार कर ली गई है। वहीं, गांधी मैदान से आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन तक 1450 मीटर में टनल तैयार है। पटना यूनिवर्सिटी से पीएमसीएच होते हुए गांधी मैदान तक 2302 मीटर में टनल तैयार होनी है। इसमें पीएमसीएच तक टनल तैयार कर ली गई है। पीएमसीएच से गांधी मैदान के बीच टनल की खुदाई शुरू हो गई है। यह पटना यूनिवर्सिटी, सरकारी संस्थानों और पुराने आवासीय इलाकों को सीधे जोड़ने वाला मार्ग है। राजेन्द्र नगर स्टेशन का टनल निर्माण रेलवे से एनओसी नहीं मिलने पर रुका रेलवे से एनओसी नहीं मिलने के कारण राजेन्द्र नगर स्टेशन के पास टनल निर्माण कार्य रुका हुआ है। यहां पटरी और टर्मिनल के नीचे टनल बनाने के लिए रेलवे की मंजूरी चाहिए। पटना मेट्रो द्वारा एनओसी के लिए रेलवे को पत्र लिखा गया है। मेट्रो कॉरिडोर-टू में रेलवे से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण मेट्रो के टनल खुदाई का कार्य रुक गया है। रेलवे द्वारा अब तक टनल निर्माण को लेकर मंजूरी नहीं दी गई है। मोइनुल हक स्टेडियम से राजेन्द्र नगर टर्मिनल तक 800 मीटर लंबी टनल की खुदाई शुरू मोइनुल हक स्टेडियम से राजेन्द्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी स्टेशन के पहले तक लगभग 1800 मीटर में टनल तैयार होनी है। इसमें मोइनुल हक स्टेडियम से राजेन्द्र नगर टर्मिनल तक लगभग 800 मीटर लंबी टनल की खुदाई शुरू हो गई थी। रेलवे से एनओसी नहीं मिलने के कारण पहले टीबीएम द्वारा 361 मीटर और दूसरे टीबीएम द्वारा 263 मीटर खुदाई करने के बाद काम रोक दिया गया है। राजेंद्र नगर में बनेगा सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो रेल का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा। यहां 21 मीटर नीचे से मेट्रो रेल गुजरेगी। इसका कारण राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक है। यह मेट्रो स्टेशन रेलवे टर्मिनल से जुड़ा होगा। इस मेट्रो स्टेशन से लोग आसानी से राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल से ट्रेन भी पकड़ सकेंगे। दानापुर-सगुना रूट पर ट्रैक और मेट्रो स्टेशन लेने लगा आकार पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में दानापुर-सगुना मोड़ से आरपीएस मोड़ तक मेट्रो कॉरिडोर पर दिन-रात काम चल रहा है। एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर खड़े किए जा चुके हैं। कई स्थानों पर स्टेशन स्ट्रक्चर भी आकार लेने लगा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, तय समय सीमा में काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त मशीनें, इंजीनियर और मजदूर लगाए गए हैं। आधुनिक तकनीक और प्री-कास्ट सेगमेंट के इस्तेमाल से निर्माण की गति तेज हुई है। ISBT डिपो परिसर में शिफ्ट होगा मेट्रो का ऑफिस इसी बीच पटना मेट्रो का प्रशासनिक ऑफिस अब बोरिंग रोड स्थित इंदिरा भवन से आईएसबीटी डिपो परिसर में शिफ्ट होने जा रहा है। जल्द ऑफिस ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आईएसबीटी डिपो परिसर में G+4 मंजिला आधुनिक प्रशासनिक भवन तैयार कर लिया गया है। जहां मेट्रो परियोजना से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी बैठेंगे। इससे परियोजना के संचालन और निगरानी में अधिक सुविधा होगी।


