पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। सहारनपुर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जनवरी के महीने में शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। बीते दो दिनों से जिले में ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है, हालांकि दोपहर के समय निकल रही धूप से लोगों को कुछ राहत जरूर मिल रही है। सुबह और शाम के समय हालात ज्यादा खराब नजर आ रहे हैं। खासकर सुबह के वक्त तेज ठंडी हवाओं के साथ सर्दी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। शाम ढलते ही तापमान में तेजी से गिरावट आ जाती है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सहारनपुर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 301 दर्ज किया गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। खराब हवा और शीतलहर के संयुक्त असर से बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी 15 जनवरी तक मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई है। इस दौरान कभी हल्की धूप तो कभी तेज ठंडी हवाएं चल सकती हैं। वहीं, न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की भी आशंका है। ऐसे में रात और सुबह के समय सर्दी का असर और तेज हो सकता है। शीतलहर का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह के समय बाजार देर से खुल रहे हैं, वहीं सड़कों पर भी आवाजाही कम नजर आ रही है। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को अनावश्यक रूप से सुबह और देर रात घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
जनवरी के इस कड़ाके की ठंड में मौसम के मिजाज को देखते हुए आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


