केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में बिहार के सरकारी शिक्षकों और विद्यालयों में भी इसका प्रभाव दिख रहा है। नई तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मोतिहारी के डायट (DIET) भवन में टीबीटी (TBT) के माध्यम से एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने “मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा” पद्धति को बच्चों के बीच प्रचारित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गूगल को 24×7 उपलब्ध एक ऐसे शिक्षक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो बच्चों को किसी भी विषय पर जानकारी और ज्ञान प्रदान कर सकता है। नई तकनीक से भी परिचित होंगे बच्चे मुख्य अतिथियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, शैक्षणिक ऐप्स और डिजिटल कंटेंट का उपयोग कर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे बच्चों की समझ बढ़ने के साथ-साथ वे नई तकनीक से भी परिचित होंगे। महिला शिक्षिकाओं ने TBT के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने हस्तकला का भी प्रदर्शन किया। “मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा” को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला शिक्षिकाओं ने टीबीटी के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए। इन गुलदस्तों को सम्मान व्यक्त करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसकी सभी ने सराहना की। सेमिनार में उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सेमिनार भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में बिहार के सरकारी शिक्षकों और विद्यालयों में भी इसका प्रभाव दिख रहा है। नई तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मोतिहारी के डायट (DIET) भवन में टीबीटी (TBT) के माध्यम से एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने “मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा” पद्धति को बच्चों के बीच प्रचारित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गूगल को 24×7 उपलब्ध एक ऐसे शिक्षक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो बच्चों को किसी भी विषय पर जानकारी और ज्ञान प्रदान कर सकता है। नई तकनीक से भी परिचित होंगे बच्चे मुख्य अतिथियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, शैक्षणिक ऐप्स और डिजिटल कंटेंट का उपयोग कर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे बच्चों की समझ बढ़ने के साथ-साथ वे नई तकनीक से भी परिचित होंगे। महिला शिक्षिकाओं ने TBT के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने हस्तकला का भी प्रदर्शन किया। “मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा” को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला शिक्षिकाओं ने टीबीटी के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए। इन गुलदस्तों को सम्मान व्यक्त करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसकी सभी ने सराहना की। सेमिनार में उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सेमिनार भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


