पटना नगर निगम के पार्षदों के साथ बैठक:नई विज्ञापन पॉलिसी पर होगी तीखी बहस, बोर्ड बैठक में हंगामें के बाद आज बुलाई गई विशेष बैठक

पटना नगर निगम के पार्षदों के साथ बैठक:नई विज्ञापन पॉलिसी पर होगी तीखी बहस, बोर्ड बैठक में हंगामें के बाद आज बुलाई गई विशेष बैठक

पटना नगर निगम के निगम पार्षद की चतुर्थ विशेष बैठक आज पटना में आयोजित की गई है। इस बैठक में निगम के नई विज्ञापन पॉलिसी पर चर्चा की जाएगी। पिछली बोर्ड की बैठक में इस पॉलिसी को लेकर जमकर हंगामा हुआ था, जिसके बाद एक विशेष बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर फिर से विचार करने की बात कही गई थी। बोर्ड बैठक में पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि प्रस्ताव को पारित करने से पहले उन्हें जानकारी नहीं दी गयी थी। विपक्षी पार्षद विज्ञापन पॉलिसी को लेकर सवाल खड़े करेंगे आज की बैठक में विपक्षी पार्षद इस संशोधन पर सवाल खड़े करने की तैयारी में हैं। विज्ञापन पॉलिसी का उल्लंघन कर होर्डिंग या विज्ञापन लगाने वालों पर 100 से 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का नियम था। इसे अब हटा दिया गया है। इसकी जगह सशक्त स्थायी समिति को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। संशोधित पॉलिसी में कहा गया है कि नगरपालिका अधिनियम-2027 के तहत विज्ञापन पॉलिसी के नियमों के उल्लंघन पर सुसंगत कार्रवाई होगी। पार्षदों का तर्क है कि जुर्माने का प्रावधान हटने से अवैध होर्डिंग्स पर नियंत्रण और कमजोर हो जाएगा। नगर निगम को 50 करोड़ का सालाना नुकसान राज्य सरकार ने नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली- 2025 के संशोधन पर मुहर लगा दी है। पटना नगर निगम समेत सभी निकायों को संशोधित नियमावली-2025 का ड्राफ्ट भेजा गया है। अब सभी निकाय इसपर अपनी सहमति देंगे। इसके बाद यह लागू होगा। नियमावली में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। खासकर आउटडोर विज्ञापन लगाने वालों पर जुर्माने के प्रावधान को हटाना शामिल है। विज्ञापन पॉलिसी लंबे समय से लागू न होने के कारण शहर में बेतरतीब होर्डिंग्स और बैनरों की भरमार है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर ऊंची इमारतों पर भारी लोहे के ढांचे खड़े किए जा रहे हैं। विज्ञापन पॉलिसी नहीं होने से पटना नगर निगम को बीते करीब दस वर्षों से राजस्व नहीं मिल पा रहा है। अनुमान के मुताबिक हर साल 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है। पटना नगर निगम के निगम पार्षद की चतुर्थ विशेष बैठक आज पटना में आयोजित की गई है। इस बैठक में निगम के नई विज्ञापन पॉलिसी पर चर्चा की जाएगी। पिछली बोर्ड की बैठक में इस पॉलिसी को लेकर जमकर हंगामा हुआ था, जिसके बाद एक विशेष बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर फिर से विचार करने की बात कही गई थी। बोर्ड बैठक में पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि प्रस्ताव को पारित करने से पहले उन्हें जानकारी नहीं दी गयी थी। विपक्षी पार्षद विज्ञापन पॉलिसी को लेकर सवाल खड़े करेंगे आज की बैठक में विपक्षी पार्षद इस संशोधन पर सवाल खड़े करने की तैयारी में हैं। विज्ञापन पॉलिसी का उल्लंघन कर होर्डिंग या विज्ञापन लगाने वालों पर 100 से 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का नियम था। इसे अब हटा दिया गया है। इसकी जगह सशक्त स्थायी समिति को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। संशोधित पॉलिसी में कहा गया है कि नगरपालिका अधिनियम-2027 के तहत विज्ञापन पॉलिसी के नियमों के उल्लंघन पर सुसंगत कार्रवाई होगी। पार्षदों का तर्क है कि जुर्माने का प्रावधान हटने से अवैध होर्डिंग्स पर नियंत्रण और कमजोर हो जाएगा। नगर निगम को 50 करोड़ का सालाना नुकसान राज्य सरकार ने नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली- 2025 के संशोधन पर मुहर लगा दी है। पटना नगर निगम समेत सभी निकायों को संशोधित नियमावली-2025 का ड्राफ्ट भेजा गया है। अब सभी निकाय इसपर अपनी सहमति देंगे। इसके बाद यह लागू होगा। नियमावली में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। खासकर आउटडोर विज्ञापन लगाने वालों पर जुर्माने के प्रावधान को हटाना शामिल है। विज्ञापन पॉलिसी लंबे समय से लागू न होने के कारण शहर में बेतरतीब होर्डिंग्स और बैनरों की भरमार है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर ऊंची इमारतों पर भारी लोहे के ढांचे खड़े किए जा रहे हैं। विज्ञापन पॉलिसी नहीं होने से पटना नगर निगम को बीते करीब दस वर्षों से राजस्व नहीं मिल पा रहा है। अनुमान के मुताबिक हर साल 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।  

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