Sanju Samson की महज 56 गेंदों पर नाबाद 115 रनों की जबरदस्त शतकीय पारी के दम पर सीएसके ने शनिवार रात डीसी के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की है। प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड पाने के दौरान संजू पहली बार खुद बताया कि उन्हें सीएसके क्यों पसंद है।
Sanju Samson: IPL 2026 के 18वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने शनिवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 23 रनों से हराया। यह सीएसके की इस सीजन की पहली जीत है। सीएसके से मिले 213 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की पूरी टीम 189 रन बनाकर ऑलआउट हुई। सीएसके की इस जीत के हीरो संजू सैमसन रहे, जिन्होंने महज 56 गेंदों पर 15 चौके और 4 छक्कों की मदद से नाबाद 115 रनों की यादगार पारी खेली। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।
‘यह शतक मेरे लिए बहुत मायने रखता है’
संजू सैमसन ने कहा कि यह शतक सच कहूं तो, मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे लगता है कि उन्होंने मुझ पर जो भरोसा दिखाया, उस भरोसे को निभाना मेरी जिम्मेदारी थी। मुझे लगा कि मुझे कुछ खास करके दिखाना होगा। मुझे आगे बढ़कर यह साबित करना था कि, हम अभी भी टूर्नामेंट में बने हुए हैं और किस्मत से सब कुछ बहुत अच्छे से हुआ।
‘हमारी सिर्फ 50 सेकंड की मीटिंग हुई’
उन्होंने आगे कहा कि एक नई फ्रैंचाइजी में इस तरह से टूर्नामेंट की शुरुआत करना आसान नहीं होता, लेकिन मुझे कभी ऐसा लगा ही नहीं कि यह कोई अलग फ्रैंचाइजी है। मुझे तो ऐसा लगा जैसे मैं अपने दूसरे घर आया हूं। यहां के लोग बहुत प्यारे और अच्छे हैं। हर कोई बहुत शांत और सुकून में रहता है। लगातार तीन मैच हारने के बाद भी, आज हमारी सिर्फ 50 सेकंड की मीटिंग हुई। इससे पता चलता है कि यह फ्रैंचाइजी कितनी शांत और तनाव-मुक्त है। यह बात मेरी अपनी सोच और स्वभाव से पूरी तरह मेल खाती है। इसलिए, मैं यहां आकर बहुत खुश हूं।
‘बार-बार नाकाम होने पर आपको यह सीख मिलती है’
फिर से अपनी बुनियादी बातों पर लौटने के बारे में उन्होंने कहा कि मैं कई बार नाकाम रहा हूं और बार-बार नाकाम होने से आपको यह सीखने को मिलता है कि वापसी कैसे करनी है। बार-बार नाकाम होने पर आप मानसिक तौर पर यह सोचने लगते हैं कि क्या मुझे और ज्यादा मेहनत करनी चाहिए या अपनी खेल की रणनीति बदलनी चाहिए? ऐसे में दिमाग थोड़ा भटकने लगता है। इसलिए, आपको अपने दिमाग और शरीर को फिर से अपनी बुनियादी बातों पर केंद्रित करना होता है।
मेरी उम्र 31 साल है और मैंने इस खेल में काफी समय बिताया है। इसलिए, मुझे पता होना चाहिए कि मेरी बुनियादी बातें क्या हैं। मेरे हिसाब से बुनियादी बातों का मतलब है मानसिक तौर पर एक अलग ज़ोन में चले जाना और शारीरिक तौर पर भी अपनी बुनियादी चीज़ों को सही तरीके से करना। एक बल्लेबाज़ के तौर पर आप भी जानते हैं कि हमें गेंद की टाइमिंग पर फिर से ध्यान देना होता है। हमने अपने सपोर्टिंग स्टाफ के साथ कुछ बहुत अच्छे सेशन किए थे और मुझे खुशी है कि उसका नतीजा बहुत अच्छा निकला।
आयुष म्हात्रे की तारीफ की
आयुष म्हात्रे के साथ अपनी साझेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि इस फॉर्मेट में एक बेहतरीन साझेदारी होना बहुत जरूरी है। आयुष को देखकर तो ऐसा लगा ही नहीं कि वह अभी-अभी अंडर-19 क्रिकेट से आया है। उसने बहुत ज्यादा परिपक्वता दिखाई। वह बहुत सोच-समझकर खेलता है। इससे पता चलता है कि उनकी बैटिंग में कितना दम और कितनी स्पष्टता है।
कोच फ्लेमिंग को समर्पित किया शतक
अपने शतक के जश्न को लेकर संजू ने कहा कि वह जश्न फ्लेमिंग के लिए था। मुझे पता है कि यह कितना मुश्किल हो सकता है। पिछले पांच सालों से एक फ्रैंचाइजी की कप्तानी करते हुए, यह मानसिक रूप से कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए मुझे लगा कि मैं यह शतक अपने कोच फ्लेमिंग को समर्पित करना चाहता हूं।
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