मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज शाम को सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री निवास में होने वाली इस बैठक में मनरेगा योजना के नाम बदलने के बाद नए नाम से शुरू होने वाली जी राम जी योजना पर कांग्रेस के हमलावर रुख की धार कमजोर करने और जनता के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाने पर चर्चा होगी। केंद्र सरकार से मिले निर्देश के बाद मोहन सरकार इस योजना के नए प्रावधानों के फायदे बताने के लिए मंत्रियों को जिलों में भेजने का भी फैसला कर सकती है। इसके साथ ही एसआईआर को लेकर भी इस बैठक में चर्चा की जाएगी। नए साल पर पहली कैबिनेट बैठक के बाद समत्व भवन में होने वाली इस बैठक में सीएम यादव ने दोनों ही डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के अलावा मंत्रियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी मौजूद रहेंगे। बताया जाता है कि बैठक में जिन मुद्दों पर खासतौर पर चर्चा होने की संभावना है उसमें चुनाव आयोग द्वारा कराई गई एसआईआर की कार्यवाही के बाद एमपी में कटे 42.74 लाख नामों पर चर्चा होगी। बीजेपी संगठन ने इस पर चिंता जताई है। इसके अलावा बैठक में जी राम जी योजना को लेकर चर्चा के बाद नए दिशा निर्देश जारी किए जाने के साथ ही मंत्रियों को फील्ड में जाने के लिए भी कहा जा सकता है। मुख्यमंत्री नए साल के संकल्पों को लेकर भी इस बैठक में मंत्रियों के साथ डिस्कसन करेंगे और सरकार की प्राथमिकता के जो काम हैं, उसके लिए मंत्रियों को निरीक्षण, निगरानी पर फोकस करने के लिए कहा जाएगा। इंदौर मामले पर भी चर्चा संभव इस बैठक में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी सप्लाई से हुई मौतों को लेकर भी चर्चा होना तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक लेकर अपनी प्राथमिकताएं पहले ही बता दी हैं और एक हफ्ते में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। अब इसकी समीक्षा जिलों में कराने के लिए भी सीएम बैठक में निर्देश दे सकते हैं।


