अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़, 2026 की पूर्व तैयारियों तथा भीषण गर्मी एवं लू से बचाव को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान जिले में उपलब्ध संसाधनों जैसे वर्षामापक यंत्र, सरकारी नाव, लाइफ जैकेट, पॉलीथिन शीट्स, मानव दवा, पशु दवा एवं पशु चारा की स्थिति जांची गई। इसके अतिरिक्त, जिलांतर्गत अवस्थित शरण स्थलों, तटबंधों एवं सड़कों की स्थिति, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र सह जिला नियंत्रण कक्ष के संचालन तथा सहाय्य अनुदान हेतु लाभुकों की सूची के विभागीय पोर्टल पर अपडेशन जैसे कार्यों की भी समीक्षा की गई। स्थापित वर्षामापक यंत्रों का निरीक्षण करने के लिए भी कहा सभी अंचल अधिकारियों को उपलब्ध नावों का सत्यापन कर आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने और आवश्यक पॉलीथिन शीट्स का आकलन कर जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से अधियाचना करने के निर्देश दिए गए। उन्हें अंचल परिसर में स्थापित वर्षामापक यंत्रों का निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया। निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में संभावित सुखाड़, भीषण गर्मी एवं लू से बचाव के उपायों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। नगर निकायों को आमजनों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था करने, साथ ही पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, जीवन रक्षक दवाएं एवं कूल रूम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए इसके अतिरिक्त, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल को खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने तथा अन्य संबंधित विभागों को भीषण गर्मी एवं सुखाड़ से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी फारबिसगंज, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, भवन प्रमंडल, पथ प्रमंडल, ग्रामीण कार्य प्रमंडल, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, सिंचाई व लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी अंचल अधिकारी उपस्थित रहे। अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़, 2026 की पूर्व तैयारियों तथा भीषण गर्मी एवं लू से बचाव को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान जिले में उपलब्ध संसाधनों जैसे वर्षामापक यंत्र, सरकारी नाव, लाइफ जैकेट, पॉलीथिन शीट्स, मानव दवा, पशु दवा एवं पशु चारा की स्थिति जांची गई। इसके अतिरिक्त, जिलांतर्गत अवस्थित शरण स्थलों, तटबंधों एवं सड़कों की स्थिति, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र सह जिला नियंत्रण कक्ष के संचालन तथा सहाय्य अनुदान हेतु लाभुकों की सूची के विभागीय पोर्टल पर अपडेशन जैसे कार्यों की भी समीक्षा की गई। स्थापित वर्षामापक यंत्रों का निरीक्षण करने के लिए भी कहा सभी अंचल अधिकारियों को उपलब्ध नावों का सत्यापन कर आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने और आवश्यक पॉलीथिन शीट्स का आकलन कर जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से अधियाचना करने के निर्देश दिए गए। उन्हें अंचल परिसर में स्थापित वर्षामापक यंत्रों का निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया। निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में संभावित सुखाड़, भीषण गर्मी एवं लू से बचाव के उपायों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। नगर निकायों को आमजनों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था करने, साथ ही पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, जीवन रक्षक दवाएं एवं कूल रूम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए इसके अतिरिक्त, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल को खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने तथा अन्य संबंधित विभागों को भीषण गर्मी एवं सुखाड़ से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी फारबिसगंज, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, भवन प्रमंडल, पथ प्रमंडल, ग्रामीण कार्य प्रमंडल, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, सिंचाई व लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी अंचल अधिकारी उपस्थित रहे।


