गया जिले के कोंच प्रखंड कार्यालय के सभागार में फार्मर रजिस्ट्री और किसानों की डिजिटल आईडी बनाने की प्रक्रिया पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी इष्टदेव महादेव ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के सभी किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। बैठक के दौरान लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (पीजीआरओ) अनुशासन को लेकर सख्त दिखे। समीक्षा में पाया गया कि कृषि समन्वयक अशोक कुमार और संजीव कुमार बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित थे। कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता को देखते हुए, पीजीआरओ इष्टदेव महादेव ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभय कुमार को निर्देश दिया कि दोनों अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभय कुमार भी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किसान सलाहकारों और कृषि समन्वयकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि फार्मर आईडी भविष्य में कृषि क्षेत्र की रीढ़ साबित होगी। पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और विभिन्न कृषि अनुदानों का लाभ प्राप्त करने के लिए यह डिजिटल आईडी पूरी तरह अनिवार्य कर दी गई है। जिन किसानों की आईडी नहीं बनेगी, उन्हें आगामी किस्तों और लाभों से वंचित रहना पड़ सकता है। गया जिले के कोंच प्रखंड कार्यालय के सभागार में फार्मर रजिस्ट्री और किसानों की डिजिटल आईडी बनाने की प्रक्रिया पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी इष्टदेव महादेव ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के सभी किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। बैठक के दौरान लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (पीजीआरओ) अनुशासन को लेकर सख्त दिखे। समीक्षा में पाया गया कि कृषि समन्वयक अशोक कुमार और संजीव कुमार बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित थे। कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता को देखते हुए, पीजीआरओ इष्टदेव महादेव ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभय कुमार को निर्देश दिया कि दोनों अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभय कुमार भी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किसान सलाहकारों और कृषि समन्वयकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि फार्मर आईडी भविष्य में कृषि क्षेत्र की रीढ़ साबित होगी। पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और विभिन्न कृषि अनुदानों का लाभ प्राप्त करने के लिए यह डिजिटल आईडी पूरी तरह अनिवार्य कर दी गई है। जिन किसानों की आईडी नहीं बनेगी, उन्हें आगामी किस्तों और लाभों से वंचित रहना पड़ सकता है।


