शेखपुरा में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर बैठक:सरपंचों को दिलाई शपथ, लोक अदालत के प्रति जागरूक करने की सलाह

शेखपुरा में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने शनिवार को जिले की सभी ग्राम कचहरियों के सरपंचों के साथ एक बैठक की। बैठक में प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने सभी सरपंचों को अपने-अपने ग्राम कचहरी क्षेत्र में बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाई। उन्होंने सरपंचों से बाल विवाह कानून के बारे में लोगों को जानकारी देने और इसके प्रति जागरूक करने की सलाह दी, क्योंकि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर सचिव ने ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लिंग भेद से ऊपर उठकर बेटियों को बराबरी का अधिकार दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, आगामी 14 मार्च को स्थानीय कोर्ट परिसर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत और 90 दिवसीय मेडियेशन ड्राइव के बारे में भी जानकारी दी गई। सरपंचों से आग्रह किया गया कि वे अपने पंचायत में लंबित मामलों को निपटाने और इन आयोजनों के प्रति लोगों को जागरूक करें। चीफ LADCS बीरेन्द्र कुमार और LADCS के सभी सदस्य उपस्थित थे सचिव ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का आपसी सुलहनामे के आधार पर निपटारा करने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि अदालतों में लंबित मामलों में कमी लाई जा सके। इस अवसर पर चीफ LADCS बीरेन्द्र कुमार और LADCS के सभी सदस्य उपस्थित थे। शेखपुरा में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने शनिवार को जिले की सभी ग्राम कचहरियों के सरपंचों के साथ एक बैठक की। बैठक में प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने सभी सरपंचों को अपने-अपने ग्राम कचहरी क्षेत्र में बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाई। उन्होंने सरपंचों से बाल विवाह कानून के बारे में लोगों को जानकारी देने और इसके प्रति जागरूक करने की सलाह दी, क्योंकि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर सचिव ने ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लिंग भेद से ऊपर उठकर बेटियों को बराबरी का अधिकार दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इसके अतिरिक्त, आगामी 14 मार्च को स्थानीय कोर्ट परिसर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत और 90 दिवसीय मेडियेशन ड्राइव के बारे में भी जानकारी दी गई। सरपंचों से आग्रह किया गया कि वे अपने पंचायत में लंबित मामलों को निपटाने और इन आयोजनों के प्रति लोगों को जागरूक करें। चीफ LADCS बीरेन्द्र कुमार और LADCS के सभी सदस्य उपस्थित थे सचिव ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का आपसी सुलहनामे के आधार पर निपटारा करने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि अदालतों में लंबित मामलों में कमी लाई जा सके। इस अवसर पर चीफ LADCS बीरेन्द्र कुमार और LADCS के सभी सदस्य उपस्थित थे।  

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