Meena Kumari Death Anniversary: बिना किसी महंगे ट्रीटमेंट के कैसे ‘ट्रैजेडी क्वीन’ के चेहरे पर रहता था गजब का ग्लो?

Meena Kumari Death Anniversary: बिना किसी महंगे ट्रीटमेंट के कैसे ‘ट्रैजेडी क्वीन’ के चेहरे पर रहता था गजब का ग्लो?

Meena Kumari Death Anniversary: मार्च महीने का आखिरी, यानी आज का दिन भारतीय सिनेमा के इतिहास के लिए बेहद भावुक दिन है। क्योंकि, 31 मार्च 1972 को ‘पाकीजा’ जैसी अमर फिल्म देने वाली ट्रैजेडी क्वीन मीना कुमारी ने दुनिया को अलविदा कहा था। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम सिर्फ एक महान अभिनेत्री को ही याद नहीं कर रहे हैं, बल्कि उस खूबसूरती को भी सलाम कर रहे हैं जो समय के साथ कभी कम नहीं हुई। उस दौर में मीना कुमारी की सुंदरता का जादू कुछ ऐसा था कि उनके गुजरने के दशकों बाद भी आज की पीढ़ी उनके स्टाइल, उनके पोज और उनकी सादगी की तारीफ करते नहीं थकती है।

इससे भी ज्यादा आपको जानकर हैरानी होगी कि उनकी खूबसूरती का राज कोई महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स या क्लीनिक वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट्स नहीं थे, बल्कि वे नेचुरल और घर के बने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती थीं। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि ट्रैजेडी क्वीन मीना कुमारी हेल्दी ग्लोइंग स्किन के लिए क्या करती थीं।

गुलाब की पंखुड़ियों का करती थीं इस्तेमाल

मीना कुमारी के जीवन में फूलों का एक खास मुकाम था, इसलिए उनके बिना उनका दिन अधूरा रहता था। मीना जी का मानना था कि चेहरे की असली रौनक तभी आती है जब आपका मन शांत हो, और इसी शांति को पाने के लिए वे एक बेहद अनोखा तरीका अपनाती थीं। वे रोज रात को सोने से पहले अपने तकिए के चारों ओर ताजे गुलाब की पंखुड़ियां बिछा लेती थीं या फिर बिस्तर के पास गुलाब का एक बड़ा सा गुलदस्ता रखकर सोती थीं। गुलाब की भीनी-भीनी खुशबू उन्हें मानसिक सुकून देती थी, जिससे उनका पूरा तनाव खत्म हो जाता था।

गहरी नींद का राज

मीना कुमारी के लिए गहरी नींद ही सबसे बड़ा ब्यूटी सीक्रेट था। उनका मानना था कि अगर शरीर को पूरा आराम न मिले, तो चेहरा थका हुआ, बेजान और लटका हुआ दिखने लगता है। इसलिए, गहरी नींद में सोने के लिए, जब ताजे गुलाब के फूल नहीं मिलते थे, तो वे अत्तर यानी प्राकृतिक सुगंधित तेल का इस्तेमाल करती थीं।

तनाव से बचाव और कुदरती निखार

व्यक्तिगत जीवन में तमाम मुश्किलों और उतार-चढ़ाव से गुजरने के बावजूद मीना कुमारी ने अपनी सुंदरता को कभी फीका नहीं पड़ने दिया। उस दौर में आज की तरह आधुनिक स्पा या एडवांस स्किन थेरेपीज नहीं हुआ करती थीं, फिर भी उनकी त्वचा की रंगत और निखार बेमिसाल था। इसका सबसे बड़ा कारण था तनाव को मैनेज करने का उनका अपना तरीका। मीना कुमारी फूलों और सुगंध की मदद से इस तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देती थीं।

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