Medicine Price Hike From April : महंगाई की मार दवाओं पर भी दिखने वाली है। 1 अप्रैल 2026 से दवाएं महंगी होने जा रही हैं। बुखार, दर्द, बीपी, डायबिटीज जैसी हजारों दवाओं के दाम अप्रैल से बढ़ जाएंगे। इसका सीधा असर आपकी जेब पर दिखेगा। ये वो सारी दवाएं हैं जिनका सेवन अधिकतर लोग नियमित रूप से करते हैं। सरकार के अधीन कार्यरत संस्था राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के फैसले के बाद ऐसा हुआ है।
National List of Essential Medicines | 1 हजार से अधिक जरूरी दवाओं की कीमत बढ़ेगी
एनपीपीए ने आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची यानी National List of Essential Medicines (NLEM) में शामिल दवाओं की कीमतों में करीब 0.6% तक इजाफा करने को हरी झंडी दिखा दी है। इसके बाद करीब 1 हजार से अधिक जरूरी दवाओं की कीमत बढ़ जाएगी।
सामान्य दर्द और बुखार की दवाएं (Analgesics & Antipyretics Medicines)
- बुखार की दवा : पैरासिटामोल (Paracetamol)
- दर्द और सूजन की दवा : इबुप्रोफेन (Ibuprofen), डिक्लोफेनाक (Diclofenac)
डायबिटीज और हृदय रोग की दवाएं (Diabetes & Hypertension Medicines)
- शुगर कंट्रोल करने के लिए : मेटफॉर्मिन (Metformin) और ग्लिमेपाइराइड (Glimepiride)
- हाई ब्लड प्रेशर (BP) के लिए : एमलोडिपिन (Amlodipine) और टेल्मिसर्टन (Telmisartan)
- कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए : एटोरवास्टैटिन (Atorvastatin)
- खून पतला करने के लिए : एस्पिरिन (Aspirin)
सांस और पेट की दवाएं (Respiratory & Gastro Medicines)
- पैंटोप्राजोल (Pantoprazole) और ओमेप्राजोल (Omeprazole)
- सालफुटामोल (Salbutamol)
संक्रमण रोकने वाली दवाएं (Anti-Infectives/Antibiotics Medicines)
- एमोक्सिसिलिन (Amoxicillin)
- अजीथ्रोमाइसिन (Azithromycin)
- सिप्रोफ्लोक्सासिन (Ciprofloxacin)
इसके अलावा विटामिन C, फोलिक एसिड और आयरन की गोलियां। कई कैंसर रोधी दवाएं भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इसके अलावा कुछ वैक्सीन भी इसमें शामिल हैं।
Medicines new rate List | नई दवाओं का रेट जानिए
जो दवाएं इस लिस्ट में नहीं हैं, उनके दाम कंपनियां साल में 10% तक बढ़ा सकती हैं। लेकिन ऊपर दी गई दवाओं के दाम 1 अप्रैल 2026 से सिर्फ 0.65% ही बढ़ेंगे। इस हिसाब से अगर कोई दवा 100 रुपए की पहले मिलती थी तो वो अप्रैल से 100.65 रुपए में मिलेगी। इस हिसाब से देखा जाए तो ये महंगाई आर्थिक रूप से बहुत अधिक प्रभावित नहीं करेगी। हालांकि, जो लोग अधिक दवाओं को सेवन करते हैं उनकी जेब पर थोड़ा अधिक दबाव देखने को मिल सकता है।


