बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और मानसिक तनाव की बढ़ती मार के बीच हृदय रोग तेजी से लोगों को अपने चपेट में ले रहा है। पहले जहां हार्ट डिजीज को बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था, वहीं अब कम उम्र के युवाओं में भी हार्ट अटैक और ब्लॉकेज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में समय पर जांच और विशेषज्ञ परामर्श बेहद जरूरी हो गया है। इसी आवश्यकता को देखते हुए जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना ने सीवान के सदर अस्पताल में नियमित कार्डियोलॉजी ओपीडी शुरू की है, जिसने स्थानीय लोगों के लिए बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई है। हर महीने के दूसरे गुरुवार को लगती है विशेष ओपीडी सदर अस्पताल, सीवान में यह विशेष कार्डियोलॉजी ओपीडी हर महीने के दूसरे गुरुवार को आयोजित की जाती है। इसमें मेदांता, पटना के अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ मरीजों की जांच, परामर्श और उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों के लिए यह सेवा किसी राहत से कम नहीं, क्योंकि अब उन्हें रूटीन हृदय जांच के लिए पटना या अन्य बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती। ओपीडी की शुरुआत का उद्देश्य यही है कि सीवान और आसपास के इलाकों के मरीजों को इलाज उनके जिले में ही मिले। खासकर वे लोग, जो आर्थिक या शारीरिक मजबूरियों के कारण बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए यह सेवा वरदान साबित हो रही है। हार्ट डिजीज शुरुआती चरण में नहीं दिखाते स्पष्ट लक्षण मेदांता हार्ट इंस्टीट्यूट, पटना के कैथ लैब डायरेक्टर डॉ. शाहीन अहमद बताते हैं कि हृदय रोग कई बार शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देते। इसी वजह से ज्यादातर मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। उन्होंने कहा, ‘नियमित जांच और समय पर विशेषज्ञ परामर्श से हार्ट अटैक या ब्लॉकेज जैसी खतरनाक स्थितियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। सीवान में संचालित यह मासिक ओपीडी स्थानीय लोगों के लिए बड़ा राहत का कदम है।’ डॉ. शाहीन के मुताबिक, बढ़ते तनाव, जंक फूड की बढ़ती आदत, धूम्रपान, मधुमेह और मोटापा हार्ट डिजीज का मुख्य कारण बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को रूटीन हेल्थ चेकअप की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। ईसीजी से लेकर एडवांस टेस्ट तक की सलाह ओपीडी के दौरान मरीजों की विस्तृत क्लिनिकल जांच की जाती है। जरूरत के अनुसार ईसीजी, ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग, ब्लड टेस्ट और अन्य कार्डियक जांच की सलाह दी जाती है।अगर किसी मरीज को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी या किसी विशेष उन्नत इलाज की जरूरत होती है तो उसे सीधे मेदांता पटना रेफर कर सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ओपीडी में आने वाले कई मरीज पहली बार अपने हार्ट की जांच करवा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इन मरीजों में हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और शुरुआती स्तर की हार्ट ब्लॉकेज की स्थिति अधिक देखने को मिल रही है। जल्दी पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना भी बढ़ जाती है। बढ़ते हृदय रोग की रोकथाम पर फोकस डॉ. शाहीन अहमद का मानना है कि यदि लोग अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव लाएं तो हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने सलाह दी, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, संतुलित और कम नमक वाला आहार लें। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। तनाव से दूर रहें और पर्याप्त नींद लें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं। उनका कहना है कि लोगों को यह समझना होगा कि हार्ट डिजीज अचानक नहीं होती, बल्कि कई महीनों या सालों में विकसित होती है। समय रहते पता चल जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। सीवान के लिए बड़ी मेडिकल सुविधा सीवान जिले में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। जिले के लोगों को हार्ट संबंधी किसी भी समस्या के लिए पटना, गोरखपुर या दिल्ली जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। ऐसे में इस तरह की नियमित कार्डियोलॉजी ओपीडी ने लोगों के लिए उपचार को सरल और सुलभ बना दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों का कहना है कि अब उन्हें हार्ट की साधारण जांचों के लिए दिनभर की यात्रा और अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता। फ्री फॉलो-अप और हेल्थ गाइडेंस भी ओपीडी में परामर्श लेने वाले कई मरीजों को फॉलो-अप की तिथि भी दी जाती है। डॉक्टर उन्हें दवाओं के साथ-साथ नियमित निगरानी की सलाह देते हैं। जरूरत पड़ने पर बदलते लक्षणों के आधार पर दवाएं संशोधित की जाती हैं। स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मेदांता की यह पहल न केवल इलाज उपलब्ध करा रही है, बल्कि लोगों में हृदय रोग के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में ओपीडी सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ मिल सके। सीवान जिले में बढ़ते हृदय रोग के खतरे के बीच मेदांता की मासिक कार्डियोलॉजी ओपीडी स्थानीय लोगों के लिए जीवन रक्षक पहल बनकर उभर रही है। आने वाले दिनों में इसका लाभ और अधिक लोगों तक पहुंचे, यही उम्मीद की जा रही है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और मानसिक तनाव की बढ़ती मार के बीच हृदय रोग तेजी से लोगों को अपने चपेट में ले रहा है। पहले जहां हार्ट डिजीज को बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था, वहीं अब कम उम्र के युवाओं में भी हार्ट अटैक और ब्लॉकेज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में समय पर जांच और विशेषज्ञ परामर्श बेहद जरूरी हो गया है। इसी आवश्यकता को देखते हुए जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना ने सीवान के सदर अस्पताल में नियमित कार्डियोलॉजी ओपीडी शुरू की है, जिसने स्थानीय लोगों के लिए बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई है। हर महीने के दूसरे गुरुवार को लगती है विशेष ओपीडी सदर अस्पताल, सीवान में यह विशेष कार्डियोलॉजी ओपीडी हर महीने के दूसरे गुरुवार को आयोजित की जाती है। इसमें मेदांता, पटना के अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञ मरीजों की जांच, परामर्श और उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों के लिए यह सेवा किसी राहत से कम नहीं, क्योंकि अब उन्हें रूटीन हृदय जांच के लिए पटना या अन्य बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती। ओपीडी की शुरुआत का उद्देश्य यही है कि सीवान और आसपास के इलाकों के मरीजों को इलाज उनके जिले में ही मिले। खासकर वे लोग, जो आर्थिक या शारीरिक मजबूरियों के कारण बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए यह सेवा वरदान साबित हो रही है। हार्ट डिजीज शुरुआती चरण में नहीं दिखाते स्पष्ट लक्षण मेदांता हार्ट इंस्टीट्यूट, पटना के कैथ लैब डायरेक्टर डॉ. शाहीन अहमद बताते हैं कि हृदय रोग कई बार शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देते। इसी वजह से ज्यादातर मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। उन्होंने कहा, ‘नियमित जांच और समय पर विशेषज्ञ परामर्श से हार्ट अटैक या ब्लॉकेज जैसी खतरनाक स्थितियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। सीवान में संचालित यह मासिक ओपीडी स्थानीय लोगों के लिए बड़ा राहत का कदम है।’ डॉ. शाहीन के मुताबिक, बढ़ते तनाव, जंक फूड की बढ़ती आदत, धूम्रपान, मधुमेह और मोटापा हार्ट डिजीज का मुख्य कारण बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को रूटीन हेल्थ चेकअप की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। ईसीजी से लेकर एडवांस टेस्ट तक की सलाह ओपीडी के दौरान मरीजों की विस्तृत क्लिनिकल जांच की जाती है। जरूरत के अनुसार ईसीजी, ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग, ब्लड टेस्ट और अन्य कार्डियक जांच की सलाह दी जाती है।अगर किसी मरीज को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी या किसी विशेष उन्नत इलाज की जरूरत होती है तो उसे सीधे मेदांता पटना रेफर कर सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ओपीडी में आने वाले कई मरीज पहली बार अपने हार्ट की जांच करवा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इन मरीजों में हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और शुरुआती स्तर की हार्ट ब्लॉकेज की स्थिति अधिक देखने को मिल रही है। जल्दी पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना भी बढ़ जाती है। बढ़ते हृदय रोग की रोकथाम पर फोकस डॉ. शाहीन अहमद का मानना है कि यदि लोग अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव लाएं तो हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने सलाह दी, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, संतुलित और कम नमक वाला आहार लें। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। तनाव से दूर रहें और पर्याप्त नींद लें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं। उनका कहना है कि लोगों को यह समझना होगा कि हार्ट डिजीज अचानक नहीं होती, बल्कि कई महीनों या सालों में विकसित होती है। समय रहते पता चल जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। सीवान के लिए बड़ी मेडिकल सुविधा सीवान जिले में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। जिले के लोगों को हार्ट संबंधी किसी भी समस्या के लिए पटना, गोरखपुर या दिल्ली जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। ऐसे में इस तरह की नियमित कार्डियोलॉजी ओपीडी ने लोगों के लिए उपचार को सरल और सुलभ बना दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों का कहना है कि अब उन्हें हार्ट की साधारण जांचों के लिए दिनभर की यात्रा और अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता। फ्री फॉलो-अप और हेल्थ गाइडेंस भी ओपीडी में परामर्श लेने वाले कई मरीजों को फॉलो-अप की तिथि भी दी जाती है। डॉक्टर उन्हें दवाओं के साथ-साथ नियमित निगरानी की सलाह देते हैं। जरूरत पड़ने पर बदलते लक्षणों के आधार पर दवाएं संशोधित की जाती हैं। स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मेदांता की यह पहल न केवल इलाज उपलब्ध करा रही है, बल्कि लोगों में हृदय रोग के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में ओपीडी सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ मिल सके। सीवान जिले में बढ़ते हृदय रोग के खतरे के बीच मेदांता की मासिक कार्डियोलॉजी ओपीडी स्थानीय लोगों के लिए जीवन रक्षक पहल बनकर उभर रही है। आने वाले दिनों में इसका लाभ और अधिक लोगों तक पहुंचे, यही उम्मीद की जा रही है।


