फॉर्मूला 1 में 2026 से लागू होने वाले नए तकनीकी नियमों को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन खेल के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। फॉर्मूला 1 के सीईओ स्टेफानो डोमेनिकाली ने साफ कहा है कि अगर ऊर्जा प्रबंधन की वजह से रेसिंग की रोमांचकता प्रभावित होती है तो बदलाव किए जाएंगे, हालांकि फिलहाल वह किसी तरह की “पैनिक” को सही नहीं मानते हैं।गौरतलब है कि 2026 से एफ1 में नए पावर यूनिट नियम लागू होंगे, जिनमें हाइब्रिड सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावर का अनुपात बढ़ाया जाएगा। शुरुआती परीक्षणों में यह संकेत मिले हैं कि नई कारें ऊर्जा के लिहाज से सीमित महसूस हो रही हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, कुछ ट्रैकों पर ड्राइवरों को ऊर्जा बचाने के लिए रफ्तार कम करनी पड़ सकती है, जिससे ग्रां प्री में रोमांचक मुकाबलों की जगह रणनीतिक ‘इकोनॉमी रन’ देखने को मिल सकते हैं।कई बड़े ड्राइवरों ने भी इस पर चिंता जताई है। फर्नांडो अलोंसो ने मजाकिया अंदाज में कहा कि चुनौती इतनी कम हो गई है कि टीम का शेफ भी कार चला सकता है। वहीं मैक्स वर्स्टैपेन ने इन नियमों को “एंटी-रेसिंग” तक करार दिया। हालांकि डोमेनिकाली का कहना है कि अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है जिससे खेल की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।बता दें कि बहरीन टेस्ट के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि इतनी चिंता क्यों जताई जा रही है। उनके अनुसार, रेसिंग रोमांचक होगी और अगर किसी स्तर पर दिक्कत सामने आती है तो एफआईए और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर समाधान निकाला जाएगा।डोमेनिकाली ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती कुछ रेस देखने के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से स्थिति और जटिल हो सकती है। एफ1 कमीशन की हालिया बैठक में संभावित समाधानों पर खुली चर्चा हुई है और सीजन शुरू होने से पहले एक और बैठक प्रस्तावित है ताकि जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया से बचा जा सके।हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर शानदार ओवरटेकिंग, प्रतिस्पर्धा और ड्राइवरों की प्रतिभा दिखाने का मौका प्रभावित होता है तो हस्तक्षेप करने में देरी नहीं की जाएगी। उनके मुताबिक खेल की आत्मा को सुरक्षित रखना सबसे अहम प्राथमिकता है।ड्राइवरों की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए डोमेनिकाली ने कहा कि वर्स्टैपेन जैसे ड्राइवर खेल के भविष्य को लेकर गंभीर हैं और उनका नजरिया रचनात्मक है। उन्होंने संकेत दिया कि एफआईए के साथ आगे और चर्चा होगी ताकि ड्राइविंग स्टाइल को केंद्र में रखा जा सके।फैंस की प्रतिक्रिया को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाया। उनका मानना है कि तकनीकी बदलावों की बारीकियां शायद बहुत कम दर्शक समझ पाएंगे और अधिकांश प्रशंसकों के लिए रेस का रोमांच ही सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।
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