Mau News: मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में मां-बेटी की दर्दनाक मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने इसे महज हादसा मानने से इनकार करते हुए पुलिस की मिलीभगत और सुनियोजित हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपों के बाद मंगलवार की सुबह सरायलखंसी थाने के सामने ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
पुराने विवाद में सुलह बना घटना की वजह
परिजनों का आरोप है कि आरोपी पक्ष के एक युवक पर पहले से आपराधिक मामला दर्ज था, जिसे लेकर थाने पर सुलह कराई गई थी। इसी सुलह से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने पूरे परिवार को गाड़ी से कुचलने की साजिश रची। इसी को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया।
धूप सेंकते परिवार पर मौत बनकर चढ़ी कार
दरअसल, सोमवार दोपहर मऊ जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बाबा के पूरा ताजोपुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर के बाहर धूप सेंक रहे एक ही परिवार के चार लोगों पर तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार चढ़ा दी गई। इस भीषण घटना में रीता देवी (50) और उनकी बेटी गोल्डी राजभर (24) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि मुखिया राजभर (70) और शिवम राजभर (25) गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानबूझकर मोड़ी गई गाड़ी, रौंदे गए लोग
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि गांव का ही निवासी सचिन मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी लेकर जा रहा था। उसी दौरान कार चालक राजन ने जानबूझकर घर के सामने गाड़ी मोड़ते हुए तेज रफ्तार में चारों को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी लोग सड़क पर दूर जा गिरे।
घटना के बाद फरार हुए आरोपी
घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक कुछ दूरी पर वाहन खड़ा कर मौके से फरार हो गया। कार में सवार दूसरा युवक भी गाड़ी लेकर भाग निकला। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने रीता देवी को मृत घोषित कर दिया, जबकि इलाज के दौरान उनकी बेटी गोल्डी ने भी दम तोड़ दिया।
थाने पर प्रदर्शन, चक्का जाम से बढ़ा दबाव
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों के परिजन और ग्रामीणों ने थाने का घेराव करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम कर दी गई, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।


