Mukhtar Ansari: 22 साल पुराने चर्चित फायरिंग मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने बाहुबली नेता बृजेश सिंह को बरी कर दिया है। यह मामला साल 2004 में लखनऊ के कैंट क्षेत्र में हुए उस आमने-सामने की घटना से जुड़ा है, जिसमें माफिया डॉन व मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी और भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के बीच गोलीबारी हुई थी।
घटना के अनुसार, 2004 में लखनऊ से गाजीपुर जाते समय कैंट इलाके में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें बृजेश सिंह भी शामिल थे।
लंबे समय तक चली सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने बृजेश सिंह को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि उनके खिलाफ पर्याप्त ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते उन्हें संदेह का लाभ दिया गया।
इस मामले के अन्य दो प्रमुख आरोपी मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी अब इस दुनिया में नहीं हैं। मुख्तार अंसारी की हाल ही में मौत हो चुकी है, जबकि मुन्ना बजरंगी की 2018 में जेल के अंदर हत्या कर दी गई थी।
यह मामला उत्तर प्रदेश की अपराध और राजनीति से जुड़ी चर्चित घटनाओं में से एक रहा है। अदालत के इस फैसले के बाद अब यह प्रकरण लगभग समाप्ति की ओर पहुंच गया है, हालांकि उस दौर की आपराधिक और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की यादें आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।


