मोतिहारी में इंटरमीडिएट परीक्षा के दूसरे दिन गणित विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में शुरू हुई। जिले के कुल 69 परीक्षा केंद्रों पर 60 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। सुबह 8 बजे से ही छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश करने लगे थे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। स्टैटिक मजिस्ट्रेट, वीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे थे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्वयं परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया। उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) भी मौजूद थे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पहले दिन देर से पहुंचने के कारण कई परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित रह गए थे। इस अनुभव से सबक लेते हुए, दूसरे दिन परीक्षार्थी समय से पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। प्रवेश के दौरान सख्त जांच की गई और परीक्षार्थियों को जूते उतारकर अंदर जाने की अनुमति दी गई। शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई परीक्षा प्रशासन की सतर्कता और छात्रों की समयबद्ध उपस्थिति के कारण दूसरे दिन की परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कदाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मोतिहारी में इंटरमीडिएट परीक्षा के दूसरे दिन गणित विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में शुरू हुई। जिले के कुल 69 परीक्षा केंद्रों पर 60 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। सुबह 8 बजे से ही छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश करने लगे थे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। सभी परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। स्टैटिक मजिस्ट्रेट, वीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे थे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्वयं परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया। उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) भी मौजूद थे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पहले दिन देर से पहुंचने के कारण कई परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित रह गए थे। इस अनुभव से सबक लेते हुए, दूसरे दिन परीक्षार्थी समय से पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए। प्रवेश के दौरान सख्त जांच की गई और परीक्षार्थियों को जूते उतारकर अंदर जाने की अनुमति दी गई। शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई परीक्षा प्रशासन की सतर्कता और छात्रों की समयबद्ध उपस्थिति के कारण दूसरे दिन की परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कदाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


