400 चोरियों का ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार: तालाब में बिछाया जाल, डंठल के सहारे मौत को मात दे रहा था शातिर चोर

400 चोरियों का ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार: तालाब में बिछाया जाल, डंठल के सहारे मौत को मात दे रहा था शातिर चोर

Mastermind Thief Arrest: बिजनौर के रहने वाले शातिर चोर और मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस के बीच ऐसा फिल्मी ड्रामा देखने को मिला, जो आमतौर पर केवल फिल्मों में ही दिखता है। आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन के सिहोरा रोड स्टेशन के पास तालाब में छलांग लगा दी। वह करीब 5 घंटे तक तालाब में पूरी तरह छिपा रहा।

कमल की डंठल से सांस

चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने तालाब में रहते हुए अपनी सांस केवल कमल की डंठल (कमल-नाल) के जरिए ली। रात के अंधेरे और घने शैवाल की वजह से वह पुलिस की नजरों से पूरी तरह ओझल हो गया। खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, तो पाया कि आरोपी पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था और केवल कमल-नाल के सहारे बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई और शैवाल के बीच से ढूंढ निकाला।

पुराने फोटो ने खोली सनी की असलियत

गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया। लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को शक हुआ। उन्होंने याद किया कि 2018 में उन्होंने एक वांटेड चोर का फोटो सेव किया था। जैसे ही उन्होंने आरोपी को पुराने नाम ‘सनी’ से पुकारा, आरोपी सन्न रह गया और अपनी असल पहचान उगल दी।

बिजनौर का पूर्व पार्षद और शातिर चोर

जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी का असली नाम हरविंदर सिंह है। उसकी उम्र 32 साल है और वह यूपी के बिजनौर का रहने वाला है। उसने अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां की हैं। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है।

2018 में हीरे-जवाहरात और पिस्तौल की चोरी

2018 में आरोपी के पास से 70 लाख रुपये के हीरे और जेवरात बरामद हुए थे। उसी साल उसने अवंतिका एक्सप्रेस ट्रेन में एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और कैश भी चोरी किया। आरोपी हमेशा एसी कोच में ही वारदात करता था और टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता था। वह बिना टिकट सफर करता और हर बार नई पहचान बनाता।

8 राज्यों की पुलिस थी तलाश में

हरविंदर के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मुंबई और कई अन्य राज्यों में केस दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल देता था और कभी कोई पहचान-पत्र अपने पास नहीं रखता था। फिलहाल, जबलपुर पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य वारदातों के सिलसिले में पूछताछ कर रही हैं।

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